मैरीकॉम के गोल्डन पंच से हिमाचल में जश्न
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एशियन गेम्स में गोल्डन पंच जड़ने वाली सुपरमॉम मैरीकॉम की उपलब्धि से हिमाचल में भी जश्न का माहौल है। हाल ही में कुल्लू-मनाली की वादियों में उनके जीवन पर बनी फिल्म भी खूब धमाल मचा चुकी है। फिल्म में उनका किरदार बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा ने निभाया है। फिल्म की यूनिट के साथ मैरीकॉम कुछ दिन के लिए मनाली आई थीं।
इस फिल्म में सह कलाकार रहे कई स्थानीय लोगों ने भी मैरीकॉम के बॉक्सिंग के प्रति जोश और जज्बे को सलाम किया है। फिल्म में इंस्पेक्टर का किरदार निभा चुके कुल्लू के नग्गर निवासी केहर सिंह ठाकुर ने कहा कि मैरीकॉम ने फुर्सत के पलों में उन्हें भी जिंदगी का बहादुरी से सामना करने का मंत्र दिया।
केहर सिंह ने बताया कि मैरीकॉम ने उन्हें बताया था कि मणिपुर में आतंकवाद जैसी सामाजिक अस्थिरता के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य का पीछा नहीं छोड़ा। फिल्म हिट होने के बाद अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने उन्हें ई-मेल भेजकर इंस्पेक्टर का रोल बखूबी निभाने के लिए बधाई दी थी।
हालांकि, मैरीकॉम ने अपना दर्द बांटते हुए कहा था कि उनके अपने ही राज्य में आतंकी गुटों के बैन के चलते उनकी फिल्म प्रदर्शित नहीं हो सकी। अन्य स्थानीय कलाकारों में सुनीता, राना भाटिया, प्रीती और शिवानी का कहना है कि मैरीकॉम ने कुल्लू में शूटिंग के दौरान उन्हें आत्मरक्षा के कई गुर सिखाए थे। मैरीकॉम के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर स्थानीय कलाकारों ने उन्हें बधाई दी है।
परदे पर जाना कैसे पाया मैरीकॉम ने मुकाम
एशियन गेम्स में सुपरमॉम एमसी मैरीकॉम के बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीतने पर धर्मशाला में भी खुशी का माहौल है। करीब छह माह पहले मैरीकॉम के जीवन पर आधारित फिल्म की शूटिंग धर्मशाला, सिद्धबाड़ी और मसरूर टेंपल में हुई थी। बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने मैरीकॉम का किरदार निभाया है। इस दौरान धर्मशाला के लोगों ने मेरीकॉम को जीवन में कड़ा संघर्ष कर बड़ा मुकाम हासिल करते देखा था।
अनीश मट्टा ने बताया कि उन्होंने होटल ब्लॉजम सिद्धबाड़ी और खनियारा में शूटिंग देखी थी। इस दौरान मैरीकॉम के जीवन में कड़े संघर्ष को देखा। उन्होंने फिल्म रिलीज होने के बाद उनकी पूरी जीवनी देखी। मसरूर टेंपल में कई दिन तो लगातार 24 घंटे शूटिंग चली। मुफलिसी में जीवन जीकर और अपने जुड़वां बच्चों का पोषण करने के साथ मैरीकॉम पांच बार वर्ल्ड चैंपियन रहीं। 2012 में ओलंपिक विजेता रहीं। सिद्धबाड़ी के सोमेश शर्मा का कहना है कि उन्होंने होटल ब्लॉजम के पास फिल्म की शूटिंग देखी थी।
यहां मैरीकॉम का लकड़ी का मकान बनाया गया था। शूटिंग में दिखाया गया कि किस तरह मैरीकॉम ने गरीबी में अपने दिन बिताए। इसके बाद ओलंपिक पदक जीतने पर जश्न के दृश्य फिल्माए गए थे। फिल्म की शूटिंग ने मुझमें आत्मविश्वास की अलख जगा दी थी। सोमेश ने स्वर्ण पदक जीतने पर मैरीकॉम को बधाई दी है। खनियारा के मंगतराम ने बताया कि गांव में शूटिंग के दौरान यहां लोग बेहद उत्साहित थे। हर कोई मैरीकॉम बनीं प्रियंका की एक झलक पाने को बेताब था। वह मैरीकॉम की एक और कामयाबी पर बेहद खुश हैं।