{"_id":"5bea77e9bdec22699e087ab3","slug":"pds-ration-quota-in-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपभोक्ताओं को दिसंबर में कम मिल सकता है राशन का कोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपभोक्ताओं को दिसंबर में कम मिल सकता है राशन का कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के करीब 12 लाख एपीएल राशनकार्ड उपभोक्ताओं के दिसंबर माह के आटा और चावल के कोटे में कटौती हो सकती है। प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों के लिए बर्फबारी के चलते छह महीने के राशन का एडवांस कोटा भेजा है। इससे हिमाचल के मैदानी और मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को आधा से एक किलो आटा और चावल कम मिल सकता है।
विज्ञापन
हिमाचल के उपभोक्ताओं को अभी 13 किलो आटा और 7 किलो चावल दिया जा रहा है। कांगड़ा, हमीरपुर बिलासपुर जिलों में लोग आटा और चावल कम लेते हैं। यहां के लोग धान की फसल उगाते हैं।
विज्ञापन
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग का मानना है कि अगर इन जिलों का आटा और चावल बचता है तो कोटे में कटौती नहीं होगी। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक मदन चौहान ने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों को 6 महीने का कोटा एक साथ भेजने पर अन्य राशनकार्ड धारकों के कोटे में एक से आधा किलो की कमी हो सकती है।
विज्ञापन
केंद्र जारी करता है गेहूं और चावल का कोटा
केंद्र सरकार हिमाचल को गेहूं और चावल का कोटा जारी करता है, जनसंख्या के आधार पर हिमाचल को यह राशन दिया जाता है, जबकि अन्य दालें, चीनी, नमक और तेल प्रदेश सरकार खुद अपने स्तर पर लोगों को सब्सिडी पर देती है।