ई-कार्ड बनाने पर मरीज को इतने लाख रुपये का मुफ्त इलाज
आरएसबीवाई कार्ड की जगह अब मरीजों को ई-कार्ड दिए जाएंगे। ई-कार्ड मरीजों को तब ही मिल पाएगा, जब वह अस्पताल में आरएसबीवाई कार्ड साथ लाएंगे। आएसबीवाई कार्ड दिखाने के बाद मरीज को उसी वक्त ई-कार्ड दे दिया जाएगा।
कार्ड बनने के बाद मरीज पांच लाख रुपये तक की बीमारी का अस्पताल में मुफ्त इलाज करवा सकेगा। कार्ड को अस्पताल में दस मिनट में जनरेट मरीज को दे दिया जाएगा। विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. निपुण जिंदल ने इस बात की जानकारी दी है।
वे शुक्रवार को आईजीएमसी में आयुष्मान भारत की स्कीम को लेकर करवाई गई कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। स्कीम को लेकर डॉ. निपुण ने शिमला जिले के अलावा आसपास की जगहों से आए डॉक्टर और ट्रेनर को कई अहम जानकारी दी।
परिवार का हर सदस्य आएगा ई- कार्ड के दायरे में
विशेष सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि हिमाचल में 4.83 हजार 643 परिवारों को इसका लाभ दिया जाएगा।जबकि 25 सितंबर को स्कीम को लांच किया जाएगा।
वहीं स्कीम को लेकर मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए क्योसक काउंटर पर बैठे कर्मियों को भी इसकी जानकारी होना जरूरी बताया है। इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सा उप अधीक्षक डॉ. राहुल रॉव, देवेंद्र सरेन, विभिन्न जगहों के मास्टर ट्रेनर भी मौजूद रहे।
इससे पहले आरएसबीवाई कार्ड में पांच लोगों को स्वास्थ्य बीमा में कवर किया जाता था। इस स्कीम में पांच से अधिक परिवार के सदस्यों का भी बीमा कवर किया जाएगा। 2008- 09 में शुरू हुई आरएसबीवाई स्कीम का लाखों लोग फायदा उठा रहे हैं।
स्कीम में आम मरीज को 30 हजार रुपये मुफ्त स्वास्थ्य लाभ और गंभीर मरीजों को राज्य सरकार की ओर से 1.75 और कैंसर मरीज को 2.25 लाख तक का इलाज मुफ्त में दिया जाता है।