{"_id":"6a69e8dfc0b1b85f6008cf85","slug":"patients-face-difficulties-due-to-the-absence-of-a-108-ambulance-at-civil-hospital-junga-shimla-news-c-19-sml1002-761184-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: सिविल अस्पताल जुन्गा में 108 \nएंबुलेंस न होने से मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: सिविल अस्पताल जुन्गा में 108 एंबुलेंस न होने से मरीज परेशान
विज्ञापन
मरीजों को लाने के लिए करना पड़ती हैं टैक्सियां
अस्पताल में हर रोज उपचार के लिए आते हैं सौ से अधिक मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। जिले की जुन्गा तहसील की 12 पंचायतों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला सिविल अस्पताल जुन्गा 108 राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा से वंचित है।
आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निजी अथवा किराये के वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने अस्पताल में शीघ्र 108 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाने की मांग की है। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 100 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं और हर माह 100 से अधिक मरीज भर्ती होकर उपचार करवाते हैं। इसके बावजूद अस्पताल में अब तक एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं हो पाई है। अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी और सफाई कर्मचारियों सहित विभिन्न श्रेणियों के लगभग 15 पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे कार्य संचालन प्रभावित हो रहा है। अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर, अल्ट्रासाउंड और आधुनिक लैब सुविधाओं का अभाव है। निजी स्तर पर भी क्षेत्र में कोई डायग्नोस्टिक लैब उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों को जांच करवाने के लिए शिमला जाना पड़ता है। जिला परिषद सदस्य खुश विक्रम सेन ने बताया कि जुन्गा तहसील के किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में 108 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व सीएचसी कोटी के लिए की 108 एंबुलेंस सेवा की घोषणा आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर ने कहा कि अस्पताल में सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ की तत्काल आवश्यकता है। फ्रेक्चर और अन्य जटिल मामलों में मरीजों को शिमला रेफर करना पड़ता है। लगभग 50 वर्ष पुराने इस अस्पताल में आज तक ऑपरेशन थियेटर के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए हैं। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की सेवाएं वर्तमान में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा में ली जा रही हैं। अस्पताल में 50 बिस्तर स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में केवल 25 बिस्तर ही उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
अस्पताल में हर रोज उपचार के लिए आते हैं सौ से अधिक मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। जिले की जुन्गा तहसील की 12 पंचायतों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला सिविल अस्पताल जुन्गा 108 राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा से वंचित है।
आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निजी अथवा किराये के वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने अस्पताल में शीघ्र 108 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाने की मांग की है। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 100 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं और हर माह 100 से अधिक मरीज भर्ती होकर उपचार करवाते हैं। इसके बावजूद अस्पताल में अब तक एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं हो पाई है। अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी और सफाई कर्मचारियों सहित विभिन्न श्रेणियों के लगभग 15 पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे कार्य संचालन प्रभावित हो रहा है। अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर, अल्ट्रासाउंड और आधुनिक लैब सुविधाओं का अभाव है। निजी स्तर पर भी क्षेत्र में कोई डायग्नोस्टिक लैब उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों को जांच करवाने के लिए शिमला जाना पड़ता है। जिला परिषद सदस्य खुश विक्रम सेन ने बताया कि जुन्गा तहसील के किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में 108 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व सीएचसी कोटी के लिए की 108 एंबुलेंस सेवा की घोषणा आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर ने कहा कि अस्पताल में सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ की तत्काल आवश्यकता है। फ्रेक्चर और अन्य जटिल मामलों में मरीजों को शिमला रेफर करना पड़ता है। लगभग 50 वर्ष पुराने इस अस्पताल में आज तक ऑपरेशन थियेटर के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए हैं। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की सेवाएं वर्तमान में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा में ली जा रही हैं। अस्पताल में 50 बिस्तर स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में केवल 25 बिस्तर ही उपलब्ध हैं।
विज्ञापन