Mandi: मिल्क प्लांट गेट के बाहर दूध से भरे कैन छोड़ गए पशुपालक, जमकर की नारेबाजी
दूध का भुगतान समय पर न होने, खरीद सीमा 20 लीटर करने और महीने में चार दिन दूध न खरीदने के विरोध स्वरूप दुग्ध उत्पादकों ने मिल्कफेड चक्कर प्लांट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
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दूध का भुगतान समय पर न होने, खरीद सीमा 20 लीटर करने और महीने में चार दिन दूध न खरीदने के विरोध स्वरूप दुग्ध उत्पादकों ने मिल्कफेड चक्कर प्लांट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। आनी, करसोग, कुल्लू, मनाली, बिलासपुर और मंडी जिला के पशुपालकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना गुब्बार निकाला। इसके बाद मिल्क प्लांट गेट के बाहर दूध से भरी कैन छोड़ कर प्रदर्शनकारी चले गए।
पशुपालकों को संबोधित करते हुए मंडी मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल जम्वाल ने कहा कि मिल्क प्लांट के अधिकारी मनमानी पर उतर आए हैं। मिल्कफेड हर बाजार में अपना दूध बेच रहा है उसमें धांधली हो रही है। पशुपालक बढ़िया दूध दे रहा है तथा उसे सही दाम नहीं मिल रहा न ही समय पर दूध का मूल्य मिल रहा है वहीं खरीद सीमा 20 लीटर करना तानाशाही रवैया है। पशुपालकों की समस्या का दो दिन में समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में पहुंची महिलाओं ने कहा कि पशुपालकों से रोजाना दूध लिया जाए, 20 लीटर की पाबंदी को बंद किया जाए और दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले की जाए। सरकार उनकी बात सुने अन्यथा लोग सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे। मौके की नजाकत को देखते हुए डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण, थाना प्रभारी बल्ह, गागल पुलिस चौकी प्रभारी सहित पुलिस बल तैनात रहा। वहीं एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी भी मौके पर पहुंची और आक्रोशित पशुपालकों से वार्ता की।
प्लांट की क्षमता 50 हजार लीटर है जबकि दूध 1 लाख लीटर से ज्यादा एकत्र हो जाता है। इसलिए यह समस्या पेश आ रही है। उच्च अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया गया है। उम्मीद है जल्दी समस्या का समाधान होगा। -विश्वकांत, प्रभारी, चक्कर मिल्क प्लांट