आईजीएमसी आने वाले मरीजों को बड़ी राहत
इलाज के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। जिला प्रशासन ने आईजीएमसी अस्पताल के बाहर मरीजों और उनके परिजनों के लिए गाड़ियां पार्क करने की सुविधा उपलब्ध करवाई है। डीसी दिनेश मल्होत्रा की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अस्पताल के बाहर चिन्हित स्थानों पर निर्धारित संख्या में दो घंटों के लिए वाहन पार्क किए जा सकेंगे।
जिला शिमला के साथ साथ प्रदेश भर से मरीज इलाज को आईजीएमसी अस्पताल पहुंचते हैं। सड़क दुघर्टना होने पर आपातकालीन स्थिति में भी भारी संख्या में एंबुलेंस और अन्य वाहन आईजीएमसी पहुंचते हैं। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के बाद मात्र 39 गाड़ियों की पार्किंग की ही व्यवस्था हो पाई है। बावजूद इसके समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह हल्की राहत जरूर है।
कहां खड़े हो सकेंगे कितने वाहन
आईजीएमसी मेन गेट के दाहिनी ओर संजौली जाने वाली सड़क पर 8 वाहन, 2 टैक्सियां। आईजीएमसी मेन गेट के बाई ओर लक्कड़ बाजार जाने वाली सड़क पर 15 वाहन, 8 एंबुलेंस। आईजीएमसी नाले के निकट बनाई गई पार्किंग में मरीजों के 16 वाहन, 6 टैक्सियां। आईजीएमसी की स्टॉफ बस के पहुंचने का समय सुबह 9 बजे। आईजीएमसी आने वाली एचआरटीसी बस के पहुंचने का समय सुबह 9:30 बजे।
दो घंटे बाद कहां ले जाएंगे गाड़ी- आईजीएमसी अस्पताल के बाहर मरीजों और परिजनों की गाड़ियों को मात्र दो घंटे ही खड़े करने की इजाजत दी जाएगी। दो घंटे बाद गाड़ी हटानी होगी। ऐसे में यदि दो घंटे के भीतर इलाज नहीं हो पाया तो रोगी और उसके परिजन गाड़ी कहां खड़ी करेंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की है। आईजीएमसी में मरीज को दो घंटे के भीतर उपचार मिलना संभव नहीं है।