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Himachal: स्कूलों का दर्जा घटाने पर विरोध में उतरे अभिभावक, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी

Tue, 30 May 2023 10:33 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन/चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन/चंबा Published by: Krishan Singh Updated Tue, 30 May 2023 10:33 AM IST
सार

 सरकार के इस फैसले के खिलाफ संबंधित स्कूलों की प्रबंध समितियां, अभिभावक और पंचायत प्रतिनिधि मुखर होने लगे हैं। इसी कड़ी में अब सोमवार को सोलन जिले के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल जगजीत नगर और चंबा जिले में वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रान को लेकर अभिभावकों और जन प्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

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Parents protest against d'notify of schools, warning of protest against the govt
रान गांव के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम चंबा अमित मेहरा को सौंपा ज्ञापन। - फोटो : संवाद

विस्तार

स्कूलों का दर्जा घटाने के मामले में विरोध के स्वर जोर पकड़ रहे हैं। सरकार के इस फैसले के खिलाफ संबंधित स्कूलों की प्रबंध समितियां, अभिभावक और पंचायत प्रतिनिधि मुखर होने लगे हैं। इसी कड़ी में अब सोमवार को सोलन जिले के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल जगजीत नगर और चंबा जिले में वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रान को लेकर अभिभावकों और जन प्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए प्रदर्शन की चेतावनी दी है। डिनोटीफाई किए सोलन की दून विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल जगजीत नगर में मौजूदा समय में जमा एक और दो में 36 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति ने स्कूल को डिनोटिफाई करने का विरोध जताया है।

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समिति के अनुसार सरकार ने डि-नोटिफाई की कार्रवाई के आधार के लिए कम से कम 25 विद्यार्थियों की दाखिले की शर्त रखी है। वहीं जब स्कूल से छात्रों का ब्योरा विभाग ने मांगा था तो उस समय यहां पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी। अब स्कूल में 36 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति की प्रधान ज्योति व सदस्य यशोदा ठाकुर, ललिता देवी, आशा देवी, रीता देवी, अंजू, रंजना, कमलेश कुमारी, प्रेम दत्त, ममता रानी व मीना ने कहा कि ग्रामीणों के प्रयास के बाद 26 जुलाई 2022 को उच्च स्कूल से जगजीत नगर को वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल का दर्जा मिला था। सितंबर 2022 में स्टाफ ने यहां अपना कार्यभार भी संभाल लिया था। सरकार से मांग है कि इस स्कूल को दोबारा से नोटिफाई किया जाए। ऐसा न होने पर अभिभावक और ग्रामीण प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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तीन पंचायत के विद्यार्थी ले रहे शिक्षा
जगजीत नगर स्कूल में तीन पंचायतों के बच्चे एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं। काटली बागी, धांधली, गुम्मु, शाशल आदि गांव की दूरी स्कूल से 5 किलोमीटर से ज्यादा है। बस व अन्य वाहन सुविधा न होने के बावजूद बच्चे यहां पैदल चलकर पढ़ने के लिए आते हैं। गांगुड़ी व जगजीत नगर पंचायत में यही स्कूल है, जो स्तरोन्नत हुआ था और ग्रामीणों की दशकों पुरानी मांग पूरी हुई थी। दूसरा स्कूल दूर होने के कारण कई बच्चों की शिक्षा पर 10वीं के बाद ही विराम लग जाता है। इस स्कूल में 174 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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सुक्खू सरकार को दिया दो दिन का अल्टीमेटम
 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रान का दर्जा घटाने पर विरोध में उतरे पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने सुक्खू सरकार को दो दिन की मोहलत देकर अधिसूचना वापस लेने की मांग की है। ऐसा न होने पर अभिभावकों ने धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। सोमवार को ग्राम पंचायत सराहन और गुवाड़ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला परिषद सदस्य मनोज कुमार की अगुवाई में एडीएम अमित मेहरा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रान का दर्जा बढ़ने से इलाके के सैकड़ों बच्चों को फायदा मिल रहा था। अब स्कूल का दर्जा घटाने पर क्षेत्र के बच्चों को करीब 10-12 किलोमीटर का सफर तय कर साहो पहुंचना पड़ेगा। वर्तमान में स्कूल की ग्यारहवीं कक्षा में 27 और बारहवीं कक्षा में 16 कुल 43 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस मौके पर एसएमसी अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, उपप्रधान सुदर्शन ठाकुर, पूर्व प्रधान निर्मला देवी, राज कुमार, अशोक कुमार, रमेश कुमार, धनी राज, सराहन पंचायत प्रधान पवन कुमार व अजय राणा आदि ने कहा कि दो दिन के भीतर स्कूल का दर्जा घटाने की अधिसूचना वापस नहीं ली तो मजबूरन अभिभावक धरना देंगे।

प्रतिभा के बाद अब आशा ने उठाया स्कूलों का दर्जा घटाने का मामला

Parents protest against d'notify of schools, warning of protest against the govt
पूर्व मंत्री आशा कुमारी

डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले दो राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों और तीन मिडल स्कूलों का दर्जा घटाने पर पूर्व शिक्षा मंत्री और कांग्रेस नेता आशा कुमारी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को पत्र लिखकर और सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि इन स्कूलों को दोबारा अधिसूचित किया जाएगा। पत्र में डलहौजी के सरार, ग्रेगेट, झोड़ा, लुडेर और प्रियुगल स्कूल का दर्जा बहाल करने की मांग की है। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने जनजातीय क्षेत्र के स्कूलों का दर्जा न घटाने की मांग की थी।

पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी ने कहा कि हिमाचल में कुछ स्कूल संभवतया विद्यार्थियों की संख्या में गलतफहमी की वजह से डिनोटिफाई हुए हैं। उन्होंने फेसबुक पोस्ट डालकर लिखा है कि उन्हें उम्मीद है कि इसके सकारात्मक नतीजे आएंगे। उन्होंने शिक्षा मंत्री को लिखी चिट्ठियां भी साझा की हैं, जिसमें डिनोटिफाई किए स्कूलों के नाम लिखे हैं। आशा कुमारी ने तर्क दिया है कि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या सही होने के बाद भी इन स्कूलों को डिनोटिफाई करना कदापि न्यायोचित नहीं है। बहरहाल, उन्होंने शिक्षा मंत्री को बाकायदा पत्र लिखकर डिनोटिफाई किए गए विद्यालयों को पुनः अधिसूचित करने की बात कही है। संवाद

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