Bilaspur News: पडयालग के रिहायशी क्षेत्रों में तेंदुए की दस्तक से लोगों में दहशत, सीसीटीवी में हुआ कैद
पडयालग में पन्याली, मर्यायाणी, डोहरु आदि गांवों में तेंदुए की दस्तक से लोग दहशत में हैं। शाम ढलते ही गांव के नजदीक तेंदुए की चहलकदमी बढ़ जाती है।
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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल के तहत आने वाले पडयालग में पन्याली, मर्यायाणी, डोहरु आदि गांवों में तेंदुए की दस्तक से लोग दहशत में हैं। शाम ढलते ही गांव के नजदीक तेंदुए की चहलकदमी बढ़ जाती है। लोगों को तेंदुए के गुर्राने की आवाजें साफ सुनाई देती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार तेंदुआ रात को उनके घरों के आंगन में पहुंचकर मवेशियों व पालतू कुत्तों पर हमला करने की कोशिश कर रहा है। बुधवार सुबह करीब 4:00 बजे तेंदुआ पन्याली गांव में रिहायशी मकान के आंगन में पहुंच गया। तेंदुआ पिंजरे में बंधे कुत्ते को अपना शिकार बनाने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान तेंदुआ रिहायशी मकान के आंगन में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। सुरेश पन्याली ने बताया कि तेंदुए की चहलकदमी रिहायशी मकानों के नजदीक बढ़ गई है।
कुछ वर्ष पहले तेंदुए ने मार डाला था ग्रामीण
तेंदुए की मौजूदगी से लोगों में खौफ का माहौल है। कुछ वर्ष पहले इसी पडयालग पंचायत के तहत एक व्यक्ति को तेंदुए ने मारा डाला था। बाद में प्रशासन ने शूटरों की टीम बुलाकर उस तेंदुए को गोली से मारा था। इसका नाम दुनिया में सबसे बड़े तेंदुआ होने के नाते विश्व रिकॉर्ड में दर्ज है। अभी कुछ महीने पहले भी इसी क्षेत्र में बड़ा तेंदुआ मरा हुआ मिला था।
इस क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव के लोग जंगली रास्तों से होकर मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। ऐसे में तेंदुए की मौजूदगी से लोग अब अकेले घर से निकलने में डर रहे हैं। लोगों में विभाग से मांग की है कि समस्या का समाधान निकाला जाए।