पंचायत चुनाव: सरकार के खिलाफ कोर्ट जाएगी भाजपा
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पंचायत चुनाव के लिए सरकार की ओर से आरक्षण रोस्टर को मैनुअली लागू कर हस्तक्षेप करने पर भाजपा हाईकोर्ट जाएगी। भाजपा का कहना है कि पंचायत चुनाव को निष्पक्षता और पारदर्शिता से करवाने की सरकार की मंशा नहीं है। भाजपा ने पंचायत चुनाव को दो चरणों में करवाने और नगर पंचायत, नगर परिषद, नगर निगम के लिए भाग्य पत्र से रोस्टर लागू करने का विरोध किया है।
पंचायत चुनाव के लिए भाजपा की ओर से गठित कमेटी के अध्यक्ष एवं सराज के विधायक जयराम ठाकुर ने प्रेसवार्ता में कहा कि पंचायत चुनाव दिसंबर में संभावित हैं। पंचायतीराज विभाग ने आरक्षण रोस्टर के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया था। इसके माध्यम से रोस्टर लागू करने की तैयारियां कर ली थीं, लेकिन सरकार को लगा कि सॉफ्टवेयर से रोस्टर में मनमर्जी नहीं चलेगी।
इस पर इसका इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय लिया है। कहा कि राजनीतिक दृष्टि से कांग्रेस पंचायत चुनाव में हस्तक्षेप कर रही है। मैनुअली रोस्टर लागू करने से हर विधानसभा क्षेत्र से प्रतिनिधिमंडल मंत्री से मिलने जा रहे हैं। आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव के लिए जारी वोटर लिस्ट में धांधली हुई है। प्रदेश भर से वोटरों के नाम लिस्ट से काटने की शिकायतें आ रही हैं।
सरकार ने पैदा की असमंजस
सरकार ने पंचायत चुनाव पार्टी चिन्ह पर न करने का फैसला लिया है। पूर्व भाजपा सरकार ने नगर पंचायत, नगर परिषद, नगर निगम के चुनाव पार्टी चिन्ह पर करवाने का निर्णय लिया था। प्रत्यक्ष चुनाव करवाने से कांग्रेस सरकार डर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार से निर्णय लिया है कि अगर दादा ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया है तो उसका पोता पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता है।
पंचायत चुनाव को लेकर सरकार ने असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। भाजपा की मांग है कि सरकार प्रदेश में पंचायत चुनाव को एक साथ और निष्पक्ष रूप से करवाए। आरक्षण रोस्टर को मनमाने ढंग से लागू करने पर भाजपा कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है। हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेगी।