धर्मशाला में सेना को बदनाम करने की पाक ने रची साजिश, जानिए कैसे
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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अब भारतीय सेना के अफसरों को बदनाम करने की घटिया हरकत पर उतर आई है। कांगड़ा जिले में धर्मशाला के पास योल कैंट में सेना के एक बड़े अफसर के खिलाफ पर्चे बंटने की घटना को सेना इसी से जोड़कर देख रही है।
इस हरकत के लिए आईएसआई पर शक जताते हुए सेना ने कहा है कि यह अधिकारी की छवि और सेना के उत्साह को गिराने की कोशिश है। शुक्रवार को सेना के योल कैंट में तैनात एक बड़े रैंक के अफसर के खिलाफ पर्चे बंटने का मामला सामने आया।
अखबारों में डालकर बांटे इन पर्चों में सेना के अफसर पर कई अनर्गल आरोप लगाए गए। अफसर की फोटो वाले ये पर्चे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिए गए। पर्चों को किसने बांटा और किसने छपवाया, किस प्रिंटिंग प्रेस में ये छपे, इसका भी कहीं जिक्र नहीं है।
इस घटना के बाद योल छावनी क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सेना ने इसकी जांच करवाई तो इसे पूरी तरह झूठ और मनघड़ंत पाया गया। बताया जा रहा है कि अखबारों में वितरण के लिए ये पर्चे शुक्रवार सुबह किसी अज्ञात व्यक्ति ने दिए थे। इसके पीछे किसका हाथ है, सेना इसकी अभी जांच कर रही है।
सेना ने मामले पर जारी किया ये बयान
सेना के जन सूचना अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा है कि इसमें व्यक्ति की शरारत या पाकिस्तान जासूस एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है। मामले की जांच सेना के जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने की है।
कमांडर की बेहतर छवि को खराब करने और सेना के उत्साह को गिराने की कोशिश की गई है। सेना के कमांडर ने पांच माह पहले जब से योल में ज्वाइन किया है, तब से वहां पर कोई भी डांस पार्टी आयोजित नहीं हुई।
स्टेशन में दो मेडिकल ऑफिसर, एक दंत चिकित्सक, एक सेक्शन अस्पताल एंबुलेंस सुविधा से लैस तैनात है। किसी को इलाज करवाने के लिए सेना के स्टेशन से बाहर जाने की जरूरत नहीं होती है। स्टेशन के पास ही योल में मिलिट्री अस्पताल भी है। वहां जाने के लिए स्टेशन में हमेशा वाहन तैनात रहते हैं, जो सभी के लिए होते हैं।