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हिमाचल: एमसी पालमपुर ने नियमों के विपरीत बांट दिए सफाई कर्मियों को 2.16 लाख के प्रेशर कुकर, जानें
Thu, 17 Sep 2026 11:19 AM IST
Ankesh Dogra
सुरेश शांडिल्य, शिमला।
सुरेश शांडिल्य, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:19 AM IST
सार
नगर निगम पालमपुर की वित्तीय वर्ष 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट में 2,16,690 रुपये के प्रेशर कुकर खरीद मामले पर सवाल उठाए गए हैं। निगम ने संतोषी इलेक्ट्रॉनिक्स से 155 प्रेशर कुकर खरीदे थे। ऑडिट के दौरान खरीद नियम, सक्षम अधिकारी की अनुमति और कुकर पाने वाले कर्मचारियों की सूची प्रस्तुत नहीं की जा सकी। रिपोर्ट में तहबाजारी शुल्क, दुकानों के किराये और विवाह पंजीकरण फीस से जुड़ी अनियमितताओं का भी उल्लेख है।
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नगर निगम पालमपुर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
नगर निगम पालमपुर ने 2.16 लाख के प्रेशर कुकर खरीदे। किस नियम में खरीदे और एक फर्म से इन्हें खरीदने के लिए किस सक्षम अधिकारी की अनुमति ली। इसकी जब लेखा परीक्षा विभाग के अधिकारियों ने जानकारी मांगी तो निगम इसे नहीं दे पाया। अंकेक्षण के दौरान खरीद के नियम सक्षम अधिकारी की अनुमति और प्रेशर कुकर जिन कर्मचारियों में बांटे गए, उनके नाम भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2024-25 के लेखों के अंकेक्षण एवं निरीक्षण प्रतिवेदन में इस खर्च का औचित्य स्पष्ट करने को कहा गया है। इसमें गड़बड़ी का अंदेशा है। यह रिपोर्ट हाल ही में राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत की गई है।
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अक्तूबर 2024 के चयनित व्यय वाउचर की जांच में सामने आया कि नगर निगम ने वाउचर संख्या 103 तिथि 25 अक्तूबर 2024 के तहत संतोषी इलेक्ट्रॉनिक्स से 155 प्रेशर कुकर खरीदे। हर कुकर की कीमत 1,398 रुपये थी और कुल 2,16,690 रुपये खर्च किए गए। ऑडिट में पाया गया कि शहर की सफाई व्यवस्था का काम पहले ही मैसर्स यश राज सर्विसेज बनूरी पालमपुर को ठेके पर दिया गया है। बावजूद सफाई कर्मचारियों को भेंट देने के लिए यह खरीद की गई।
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ऑडिट रिपोर्ट में पूछा गया है कि खरीद किस नियम के तहत की गई, साथ ही सक्षम अधिकारी की अनुमति और कुकर पाने वाले कर्मचारियों की सूची भी प्रस्तुत नहीं की गई। यह मामला आयुक्त के ध्यान में लाया गया, लेकिन ऑडिट समाप्त होने तक जवाब नहीं मिला। ऑडिट की प्रक्रिया अप्रैल 2026 तक पूरी की गई। रिपोर्ट हाल ही में सरकार को पेश की गई है। नगर निगम पालमपुर की आयुक्त नेत्रा मेती ने कहा कि प्रेशर कुकर की खरीद का यह मामला नोटिस में आया है। इसे देखा जा रहा है। दुकानों का किराया और अन्य वसूली भी की जा रही है। इस पर नोटिस दिए गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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लाखों की वसूली अटकी
अंकेक्षण रिपोर्ट में नगर निगम पालमपुर की विभिन्न मदों में लाखों रुपये की वसूली लंबित होने का भी उल्लेख है। 31 मार्च 2025 तक तहबाजारी शुल्क के 8.11 लाख रुपये की वसूली भी लंबित रही। निगम की 19 खाली दुकानों की 2.57 लाख रुपये की बकाया किराया राशि भी वसूल नहीं की गई थी।
विवाह पंजीकरण फीस भी सरकारी खाते में जमा नहीं अंकेक्षण के दौरान विवाह पंजीकरण शुल्क के रूप में प्राप्त 37,200 रुपये को लेकर भी अनियमितता सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक प्राप्त यह राशि सरकारी कोष में जमा किए जाने के बजाय नगर निगम निधि खाते में जमा करवाई गई।
अंकेक्षण रिपोर्ट में नगर निगम पालमपुर की विभिन्न मदों में लाखों रुपये की वसूली लंबित होने का भी उल्लेख है। 31 मार्च 2025 तक तहबाजारी शुल्क के 8.11 लाख रुपये की वसूली भी लंबित रही। निगम की 19 खाली दुकानों की 2.57 लाख रुपये की बकाया किराया राशि भी वसूल नहीं की गई थी।
विवाह पंजीकरण फीस भी सरकारी खाते में जमा नहीं अंकेक्षण के दौरान विवाह पंजीकरण शुल्क के रूप में प्राप्त 37,200 रुपये को लेकर भी अनियमितता सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक प्राप्त यह राशि सरकारी कोष में जमा किए जाने के बजाय नगर निगम निधि खाते में जमा करवाई गई।