प्राधिकरण की कार्रवाई: खामियों पर ऊना जिले के छह नशा मुक्ति केंद्रों को बंद करने के आदेश
राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. संजय पाठक ने बताया कि इन केंद्रों में खामियों के चलते ये कार्रवाई हुई है। यह आदेश उपायुक्त की सिफारिश पर जारी किए गए हैं। इन केंद्रों को सात दिन में बंद करना होगा। नशा मुक्ति केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण किया था।
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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में छह नशा मुक्ति केंद्र बंद होंगे। गुरुवार को हिमाचल प्रदेश राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. संजय पाठक ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों में खामियों के चलते ये कार्रवाई हुई है। यह आदेश उपायुक्त की सिफारिश पर जारी किए गए हैं। इन केंद्रों को सात दिन में बंद करना होगा।नशा मुक्ति केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई तरह की खामियां पाई गईं। इनमें केंद्रों पर न तो मनोचिकित्सक पाए गए और न ही यहां पर आए लोगों को बेहतर उपचार दिया गया। इसके अलावा जिन जगहों पर ये केंद्र चलाए जा रहे थे उनमें जगह की भी काफी कमी थी। कम स्टाफ से काम लिया जा रहा था।
लिहाजा खामियों के चलते अब राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण ने इन्हें बंद करने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि इनमें तीन केंद्र ऐसे भी है जिन्हें जिला ऊना के उपायुक्त ने बंद करने के आदेश जारी किए थे। लिहाजा इन्हीं तथ्यों के आधार पर अब ये बड़ी कार्रवाई की गई है। डीसी राघव शर्मा ने कहा कि नियमों का पालन न करने वाले केंद्रों को बंद करने के आदेश राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण ने जारी किए हैं। भविष्य में औचक निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। यदि कोई केंद्र नियमों के अनुसार संचालन नहीं करता है तो उसे बंद करने की सिफारिश की जाएगी।
ये केंद्र बंद करने के दिए आदेश
फ्रीडम होम वेलफेयर सोसायटी ग्राम किन्नू। किरपा फाउंडेशन संतोषगढ़। उम्मीद फाउंडेशन संतोषगढ़।
उपायुक्त ने इन्हें बंद करने के लिए लिखा
जीवन जोत औषधि परामर्श एवं पुनर्वास ग्राम अपर भंजाल। नवजीवन फाउंडेशन गगरेट। न्यू होप केयर सोशल वेलफेयर सोसायटी टटेहड़ा, गगरेट।