Bilaspur News: अल्ट्राटेक कंपनी को मालभाड़ा यथावत रखने के दिए आदेश, फिर वापस लिए
मांगल लैंड लूजर्स सभा के सचिव हंसराज का कहना है कि उन्हें इस निर्देश को वापस लेने की सूचना नहीं मिली है। 13 मार्च को मालभाड़ा ढुलाई को लेकर अर्की के एसडीएम ने बैठक रखी थी। लेकिन, उस बैठक में कोई भी कंपनी का अधिकारी नहीं पहुंचा था।
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अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की ओर से ट्रकों का मालाभाड़ा कम करने को लेकर छिड़े विवाद के बाद एसडीएम अर्की ने 13 मार्च की बैठक में कंपनी प्रबंधन को ईमेल से माल ढुलाई के दाम आगामी फैसले तक यथावत रखने के निर्देश दिए थे। बाद में उन्होंने इस निर्देश को वापस ले लिया। उधर, मांगल लैंड लूजर्स सभा के सचिव हंसराज का कहना है कि उन्हें इस निर्देश को वापस लेने की सूचना नहीं मिली है। 13 मार्च को मालभाड़ा ढुलाई को लेकर अर्की के एसडीएम ने बैठक रखी थी। लेकिन, उस बैठक में कोई भी कंपनी का अधिकारी नहीं पहुंचा था। इसके बाद एसडीएम ने एक ईमेल कंपनी प्रबंधन और मांगल लैंड लूजर्स सभा को लिखी थी। इसमें निर्देश दिए थे कि अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री में भाड़े की दर जो 21 फरवरी 2023 से पहले थी, अगली सूचना/आदेश तक इसे यथावत रखा जाए। वहीं, यह भी लिखा था कि 20 मार्च को मांगल लैंड लूजर्स सभा के कार्यालय में इस संबंध में अगली बैठक 20 मार्च को होनी प्रस्तावित है।
प्रभावित परिवहन सहकारी समिति बागा भी इसमें मौजूद रहेगी। कंपनी भी इस बैठक में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करे। इस ईमेल के बाद माल ढुलाई करने वाली परिवहन सभाओं को राहत मिली थी कि प्रशासन के आदेश के बाद कंपनी फिलहाल माल ढुलाई का किराया कम नहीं करेगी। जब इस बारे में एसडीएम अर्की केशव राम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गलती से यह ईमेल कंपनी और मांगल लैंड लूजर्स सभा को चली गई थी। इस आदेश को बाद में वापस ले लिया गया था। मामले को सुलझाने के लिए 20 मार्च को मांगल लैंड लूजर्स सभा कार्यालय में बैठक रखी गई है। इसमें कंपनी के अधिकारियों को बुलाया गया है। इस बैठक में प्रशासन मध्यस्थता करेगा और कोशिश करेगा कि ट्रक ऑपरेटरों की समस्या का हल हो सके।
यह है मामला
25 फरवरी को अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन ने सीमेंट ढुलाई का भाड़ा कम करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। इसमें लिखा था कि अल्ट्राटेक में सीमेंट ढुलाई के प्रति किलोमीटर प्रति टन बड़ी गाड़ी को 9.30 रुपये और छोटी गाड़ी को 10.30 रुपये किराया भाड़ा दिया जाएगा। जबकि, यह किराया इससे पूर्व 10.71 रुपये प्रति किलोमीटर होता था। वहीं, मैदानी क्षेत्र में 5.15 रुपये ही दिया जाएगा। इसका ट्रक ऑपरेटरों ने विरोध किया था और उसके बाद कई बैठकें भी हुईं। लेकिन, किसी भी बैठक में किराये को लेकर बात नहीं बनी।