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Shimla News: दुर्घटना मामले में 11.17 लाख रुपये ब्याज समेत देने के आदेश
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मंडी। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण सुंदरनगर ने सड़क दुर्घटना के एक मामले में दावा याचिका को स्वीकारते हुए राहत दी है। अदालत ने 11,17,680 रुपये छह प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित मुआवजा राशि देने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 166 के तहत याचिका दायर की, जिसमें तीन नवंबर 2020 को हुई एक मोटर दुर्घटना में उसे लगी चोटों की एवज में 50 लाख रुपये मुआवजा मांगा था।
याचिका के तथ्यों के अनुसार 35 वर्षीय याचिकाकर्ता धनोटू निवासी अनंत राम पेशे से टैक्सी चालक है। वह तीन नवंबर 2020 को अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर सुंदरनगर न्यायालय की ओर जा रहा था। सुबह लगभग 10:40 बजे टेल कंट्रोल गेट सुंदरनगर के पास पहुंचा, तभी एक नैनो कार सुंदरनगर की ओर से आई और उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में याचिकाकर्ता को चोटें आईं। उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल सुंदरनगर ले जाया गया।
इसके बाद उसे आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। उसने विभिन्न अस्पतालों में अपने इलाज पर दो लाख रुपये खर्च किए। घटना में वह 30 प्रतिशत दिव्यांग हो गया। दलीलों के साथ याचिकाकर्ता ने ब्याज सहित 50 लाख रुपये मुआवजा देने की अनुमति देने का अनुरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों, गवाहों और पेश किए गए दस्तावेजों के आधार मेडिकल एवं अन्य का 11,17,680 रुपये मुआवजा देने की राहत याचिकाकर्ता को दी। इस मामले के दूसरे पक्ष में कार चालक, कार मालिक और इंश्योरेंस कंपनी शामिल थी। संवाद
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याचिका के तथ्यों के अनुसार 35 वर्षीय याचिकाकर्ता धनोटू निवासी अनंत राम पेशे से टैक्सी चालक है। वह तीन नवंबर 2020 को अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर सुंदरनगर न्यायालय की ओर जा रहा था। सुबह लगभग 10:40 बजे टेल कंट्रोल गेट सुंदरनगर के पास पहुंचा, तभी एक नैनो कार सुंदरनगर की ओर से आई और उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में याचिकाकर्ता को चोटें आईं। उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल सुंदरनगर ले जाया गया।
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इसके बाद उसे आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। उसने विभिन्न अस्पतालों में अपने इलाज पर दो लाख रुपये खर्च किए। घटना में वह 30 प्रतिशत दिव्यांग हो गया। दलीलों के साथ याचिकाकर्ता ने ब्याज सहित 50 लाख रुपये मुआवजा देने की अनुमति देने का अनुरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों, गवाहों और पेश किए गए दस्तावेजों के आधार मेडिकल एवं अन्य का 11,17,680 रुपये मुआवजा देने की राहत याचिकाकर्ता को दी। इस मामले के दूसरे पक्ष में कार चालक, कार मालिक और इंश्योरेंस कंपनी शामिल थी। संवाद
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