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Shimla News: केएनएच में रिपोर्ट समय पर न मिलने से टल रहे ऑपरेशन

Sat, 27 Sep 2025 05:29 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Sep 2025 05:29 PM IST
सार

शिमला के कमला नेहरू अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के लिए 22 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में देरी से ऑपरेशन और उपचार प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की है।

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Operations at KNH are being postponed due to non-availability of reports on time.

विस्तार

अल्ट्रासाउंड के लिए मिल रही 22 दिन बाद की तारीख, गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ रही है परेशानी
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लोगों ने की समस्या के स्थायी समाधान करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) प्रदेश का सबसे बड़ा महिला एवं शिशु रोग अस्पताल है। लेकिन समय से टेस्ट रिपोर्ट न मिलने और अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी तारीखें दिए जाने से मरीज परेशान हैं। रिपोर्ट समय पर न मिलने के कारण कई बार तो ऑपरेशन तक डॉक्टरों को टालने पड़ते हैं।
केएनएच में हर दिन प्रदेशभर से सैकड़ों महिलाएं उपचार करवाने के लिए आती हैं लेकिन अस्पताल की जांच व्यवस्था मरीजों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रहीं। अस्पताल में खुले क्रस्ना लैब से मरीजों को रिपोर्ट देरी से मिल रही है। इस वजह से ऑपरेशन और प्रसव संबंधी उपचार प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल में आने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा समस्या जांच रिपोर्ट मिलने में देरी की है। कई बार रिपोर्ट समय पर नहीं मिलती जिस कारण उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में कठिनाई होती है। खासकर वह महिलाएं जो ऑपरेशन के लिए आती हैं, उनके लिए स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है। रिपोर्ट समय पर न मिलने से ऑपरेशन टल रहे हैं और मरीजों को अतिरिक्त खर्च झेलना पड़ रहा है।
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केएनएच में अल्ट्रासाउंड सुविधा केवल आपातकालीन परिस्थितियों तक सीमित है। सामान्य गर्भवती महिलाओं को आईजीएमसी भेजा जाता है। वहां रजिस्ट्रेशन की औपचारिकताएं और लंबी डेट की समस्या सामने आती है। कई बार महिलाओं को 20 से 25 दिन बाद की अल्ट्रासाउंड तारीख दी जाती है। गर्भावस्था में नियमित जांच बेहद जरूरी होती है लेकिन यहां सुविधाओं की कमी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनती जा रही है। लोगों ने इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
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ममता को 22 दिन का इंतजार
चौपाल की रहने वाली ममता सात महीने की गर्भवती हैं। डॉक्टर ने उन्हें तुरंत अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी लेकिन केएनएच में सुविधा न होने के कारण उन्हें आईजीएमसी भेजा गया। वहां रजिस्ट्रेशन में त्रुटि बताकर उन्हें वापस लौटा दिया गया। दोबारा जाने पर उन्हें 22 दिन बाद की तारीख मिली। ममता का कहना है कि गर्भावस्था में हर सप्ताह की जांच मायने रखती है, लेकिन उन्हें केवल इंतजार करना पड़ रहा है।



रीना का ऑपरेशन टला
हमीरपुर की रीना देवी को रसोली का ऑपरेशन करवाना था। ऑपरेशन से पहले रक्त जांच जरूरी थी जो क्रस्ना लैब में करवाई गई। लेकिन रिपोर्ट चार घंटे की देरी से मिली। इस कारण डॉक्टरों ने ऑपरेशन अगले दिन के लिए टाल दिया। रीना बताती हैं कि एक दिन अतिरिक्त रुकने से परिवार को आर्थिक बोझ और मानसिक परेशानी दोनों झेलनी पड़ीं।




कोट
कुछ जांचें अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं और ऐसे मामलों में मरीजों को आईजीएमसी भेजना पड़ता है। यदि रिपोर्ट मिलने में देरी की शिकायतें मिल रही हैं तो इसकी जांच की जाएगी।
-डॉ. सुंदर नेगी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, केएनएच
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