टूट गया ओपन बोगी में शिमला घूमने का सपना
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कालका-शिमला हेरिटेज में सैलानियों को न ओपन बोगी (झरोखा) और न ही एसी रेल की सुविधा मिलेगी। पर्यटन की दृष्टि से कालका-शिमला हेरिटेज में स्थापित की जा रही दो महत्वपूर्ण योजनाओं को झटका लगा है।
रेलवे तकनीकी विभाग ने एसी ट्रेन दौड़ाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। सुरक्षा की दृष्टि से केंद्र्रीय रेलवे विभाग ने झरोखा (बिना छत के रेल का डिब्बा) का किराया अभी तय नहीं किया है।
विभागीय अधिकारियों के तर्क हैं कि हिल्स स्टेशन में एसी का औचित्य नहीं है। झरोखा का किराया तय करना विचाराधीन है। विश्व धरोहर कालका-शिमला पर वर्ष 2013 और 2014 में दो बार झरोखा का ट्रायल हुआ है।
2013 में भेजा था प्रस्ताव
झरोखा टॉय ट्रेन में एक ऐसा जुड़ने वाला डिब्बा है। यह टॉय ट्रेन के बीच में जुड़ता है। ओपन डब्बा है, जिसमें छत नहीं होती। छत न होने से सैलानी खुली हवा में कालका से शिमला के बीच 96 किलोमीटर की दूरी में पहाड़ों की सुंदरता का नजारा ले सकते थे।
एसी ट्रेन के लिए 2013 में भेजा था प्रस्ताव
कालका-शिमला ट्रैक पर सफर मजेदार बनाने और एसी ट्रेन हिल्स स्टेशन में चलाने का प्रस्ताव वर्ष 2013 में भेजा गया था, लेकिन हिल्स स्टेशन में एसी ट्रेन की जरूरत न समझते हुए यह प्रस्ताव खारिज हो गया है।
वर्तमान में यह हैं आकर्षण
मौजूदा समय में कालका-शिमला ट्रैक पर पर्यटक रेल कार, हॉली-डे स्पेशल, डीलक्स स्पेशल मुख्य की सुविधा है। यदि प्रस्तावित दोनों ट्रेनें कालका-शिमला हेरिटेज पर दौड़तीं तो पर्यटन को और बढ़ावा मिलता। वरिष्ठ रेल अधीक्षक शिमला रीजन संजय गैरा का कहना है कि एक प्रस्ताव खारिज हो गया है और दूसरे का किराया तय नहीं किया गया है।