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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Only 11 members attended the first meeting of the Zila Panchayat; BJP members and independents boycotted it.

Shimla News: जिप की पहली बैठक में 11 सदस्य ही पहुंचे, भाजपा-निर्दलियों का बहिष्कार

Sun, 28 Jun 2026 01:16 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 01:16 AM IST
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Only 11 members attended the first meeting of the Zila Panchayat; BJP members and independents boycotted it.
कांग्रेस के दस और एक निर्दलीय सदस्य रहे जिला परिषद की बैठक में शामिल
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भाजपा के 11 और तीन निर्दलीय नहीं पहुंचे, बैठक में गूंजा बजट और नशे का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में शनिवार को हुई जिला परिषद की पहली बैठक में 25 में से सिर्फ 11 सदस्य ही पहुंचे। इनमें कांग्रेस के दस जबकि एक निर्दलीय सदस्य शामिल रहे। भाजपा समेत अन्य निर्दलियों सदस्यों ने पहली बैठक से किनारा किया। ये उपायुक्त कार्यालय के बाहर सीटीओ चौक पर हुए भाजपा के प्रदर्शन में मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने सुबह 11:30 बजे चलौंठी स्थित जिला परिषद कार्यालय में यह बैठक बुलाई थी। कांग्रेस के सभी सदस्य 11:15 बजे बैठक के लिए पहुंच गए लेकिन भाजपा समर्थित सदस्य नहीं पहुंचे। तीन निर्दलीय भी बैठक में नहीं पहुंचे। कुछ देर इंतजार करने के बाद दोपहर 12:10 बजे जिला परिषद सीईओ एवं एडीसी सचिन शर्मा ने बैठक शुरू करवाई और सदस्यों को उनके अधिकारियों और शक्तियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद सदस्यों ने अपना परिचय दिया और अपनी प्राथमिकताएं बताईं। इस अनौपचारिक बैठक में ज्यादातर सदस्यों ने बढ़ते नशे पर चिंता जाहिर की और प्रशासन के साथ मिलकर अभियान चलाने की बात कही। सदस्यों ने बजट बढ़ाने, विधायकों की तर्ज पर ऐच्छिक निधि देने, बीडीसी-प्रधानों की बैठक में जिला परिषद सदस्यों को बुलाने, महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम करवाने, निर्माण कार्याें में एम फॉर्म की शर्त हटाने की मांग उठाई। ज्यादातर सदस्यों ने मनरेगा की जगह नई योजना शुरू करने का विरोध किया।

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पहली बैठक में बोले सदस्य-तनख्वाह बढ़ाओ, गाड़ी दो
जिला परिषद की पहली बैठक में कई सदस्य जनता के मुद्दों के साथ अपनी तनख्वाह और आवाजाही के मुद्दे भी उठाते दिखे। कहा कि जिप सदस्यों की तनख्वाह चौकीदार से भी कम है। कम से कम 50 हजार मानदेय मिलना चाहिए। कहा कि जिला परिषद के अधीन कई पंचायतें आती हैं। ऐसे में आने जाने के लिए वाहन सुविधा भी मिलनी चाहिए। ऐच्छिक निधि मिलेगी तो काम ज्यादा होंगे।
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