{"_id":"6ab6643559ba13e7240e36e7","slug":"one-year-imprisonment-for-possession-of-hashish-shimla-news-c-19-sml1002-792407-2026-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: चरस रखने के दोषी को \nएक साल का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: चरस रखने के दोषी को एक साल का कारावास
विज्ञापन
झाकड़ी में दोषी से बरामद हुई थी 118 ग्राम चरस
न्यायालय ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। चरस रखने के मामले में किन्नौर स्थित रामपुर बुशहर की विशेष अदालत ने 61 वर्षीय आरोपी को एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामला पुलिस थाना झाकड़ी में वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार आरोपी राजेंद्र सिंह पुत्र पदम दास निवासी रामपुर बुशहर जिला शिमला के कब्जे से 118 ग्राम चरस बरामद की गई थी। इस संबंध में पुलिस थाना झाकड़ी में दर्ज किया था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत कार्रवाई की गई थी। अदालत ने शुक्रवार को मामले में राजेंद्र सिंह को दोषी करार दिया। इसके बाद अदालत ने उसे एक वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी से बरामद चरस को साक्ष्य के तौर पर पेश किया। अदालत के आदेश के मुताबिक जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में दोषी को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। शिमला पुलिस की ओर से एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जा रही है।
विज्ञापन
न्यायालय ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। चरस रखने के मामले में किन्नौर स्थित रामपुर बुशहर की विशेष अदालत ने 61 वर्षीय आरोपी को एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामला पुलिस थाना झाकड़ी में वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार आरोपी राजेंद्र सिंह पुत्र पदम दास निवासी रामपुर बुशहर जिला शिमला के कब्जे से 118 ग्राम चरस बरामद की गई थी। इस संबंध में पुलिस थाना झाकड़ी में दर्ज किया था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत कार्रवाई की गई थी। अदालत ने शुक्रवार को मामले में राजेंद्र सिंह को दोषी करार दिया। इसके बाद अदालत ने उसे एक वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी से बरामद चरस को साक्ष्य के तौर पर पेश किया। अदालत के आदेश के मुताबिक जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में दोषी को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। शिमला पुलिस की ओर से एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जा रही है।
विज्ञापन