जंगल की आग ने ली बुजुर्ग की जान, महिला 80 प्रतिशत झुलसी
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हिमाचल में जंगल की आग ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। वहीं एक अन्य मामले में महिला बुरी तरह झुलस गई। पच्छाद क्षेत्र के तहत लाना बांका पंचायत के जंगल में भड़की भयंकर आग ने एक बुजुर्ग की जान ले ली है।
जंगल में भड़की आग में फंसे अपने मवेशियों को बचाने के लिए आग के बीच कूदा बुजुर्ग बुरी तरह से जल गया था। पीजीआई में उपचार के दौरान बुजुर्ग ने अपने प्राण त्याग दिए। इससे इलाके में शोक लहर है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को लाना बांका पंचायत के मझौलटी गांव के समीपवर्ती जंगल में भयंकर आग भड़क गई। आग की सूचना जैसे गांव में फैली चंबेल सिंह भी जंवगल की ओर गए।
ऐसे जंगल की चपेट में आ गया बुजुर्ग
जंगल में घास चरने को छोड़े गए उनके पशु चारों तरफ लगी आग के बीच फंस गए थे। उनसे अपने पशुओं का दर्द देखा नहीं गया और जान की परवाह किए बगैर आग के बीच कूदकर तमाम पशुओं को बचा लिया।
75 वर्ष के चंबेल ङ्क्षसह ने पशुओं को तो आग से बाहर निकाल दिया। लेकिन, स्वयं को आग की लपटों से नहीं बचा पाए। चारों तरफ फैली आग की चपेट में आने से वह बुरी तरह से जल गए थे। तमाम पशु जब घर पहुंचे तो अपने पिता को न देखकर उनके परिजन चिंतित हो गए।
मृतक के बेटे लेखराज ने बताया कि उनके पिता के घर नहीं आने पर उनका भाई हरीश चंद्र जंगल की तरफ गया। थोड़ी दूर जाने पर हरीश चंद्र को उसके पिता ने आवाज लगाई कि मैं यहां हूं व में जल गया हूं।
हरीश चंद्र ने अपने दोनों भाइयों को इसकी जानकारी दी और ्रामीणों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। नाहन मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया गया था। जहां उनका रविवार को उनका देहांत हो गया।
थाना प्रभारी वीरू अहमद ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।चंबेल सिंह का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
आग बुझाते समय झुलसी महिला, गंभीर
आनी उपमंडल की डिंगीधार पंचायत के जंगलों में पिछले दो दिन से आग लगी हुई है। इसके चलते डिंगीधार पंचायत के ओडी गांव की एक महिला आग को बुझाते हुए इसकी चपेट में आ गई है। इससे महिला 80 प्रतिशत झुलस गई।
आनी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया। डिंगीधार और बैहना पंचायत के जंगलों में पिछले दो दिनों से आग लगी हुई है। आग से लाखों की वन संपदा सहित सैकड़ों सेब के पौधे व दर्जनों घास की टोलियां जल गई।
वन विभाग आग पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। सोमवार को जब आग ज्यादा फैली तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड आनी को दी। डिंगीधार पंचायत के ओडी गांव के जंगल में जब आग पहुंची तो रेगणू देवी पत्नी शिव दयाल अपनी घास की टोली को बचाने और आग पर काबू पाने के
लिए आई। रेगणू देवी आग की चपेट में आ गई और झुलस गई। बीएमओ आनी डॉ. ज्ञान ठाकुर ने बताया कि महिला का शरीर करीब 80 प्रतिशत जल गया है। उसे आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है।
डीएफओ लूहरी बीके अग्रवाल का कहना है कि वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने में लगे हुए हैं। जल्द आग को काबू किया जाएगा। उधर, एसडीएम आनी चेत सिंह ने बताया कि महिला को उपचार के लिए 10000 रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है।