बीपीएल सूची से बाहर हो सकते हैं एक लाख परिवार, जानिए पूरा मामला
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हिमाचल प्रदेश में फर्जी बीपीएल परिवारों को सूची से बाहर करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने नया फैसला लिया है। हर पंचायत में एक तीन सदस्य कमेटी का गठन किया जाएगा, जो वर्तमान में पंचायत के बीपीएल सूची की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी। वर्तमान में सूबे की बीपीएल सूची में लगभग ढाई लाख परिवार हैं। इनमें कई परिवार बीपीएल सूची में होने के मानदंड पर खरा नहीं उतरते हैं।
इससे पूर्व किए जा चुके सरसरी सर्वे के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि कमेटी की जांच में एक लाख से अधिक परिवार बाहर हो सकते हैं। जांच कमेटी में स्थानीय पंचायत सचिव, पटवारी के अलावा राजस्व विभाग का प्रतिनिधि, बीडीओ का नामित एक कर्मचारी या पंचायती राज प्रतिनिधि में से एक सदस्य होगा।
ऐसे चलेगी समीक्षा प्रक्रिया
सूबे में सात जुलाई को होने वाली बीपीएल सूची की समीक्षा के लिए विशेष ग्राम सभा से पहले एक कमेटी का गठन किया जाएगा। उधर, डीआरडीए कांगड़ा के परियोजना अधिकारी मुनीष शर्मा ने कहा कि बीपीएल सूची की समीक्षा बैठक के बारे में सभी पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं। उसी के अनुसार तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा, जो बीपीएल सूची की जांच करेगी।
तीन सदस्यीय कमेटी पंचायत के वर्तमान में दर्ज बीपीएल परिवार और नए प्राप्त आवेदन अथवा चयनित परिवार पर आपत्ति संबंधी आवेदन को जांचेगी। इस जांच प्रक्रिया के पूरा होने पर संयुक्त हस्ताक्षरित सूची तैयार की जाएगी।
इस प्राथमिक सूची को ग्राम सभा में समीक्षा के लिए पेश किया जाएगा। ग्राम सभा में अनुमोदन के बाद पंचायत की बीपीएल सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। जिन आवेदन या आपत्ति को कमेटी अस्वीकृत करेगी, उसका ब्यौरा भी कारणों सहित रिकॉर्ड में सुरक्षित रखा जाएगा।