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Shimla News: हिमकेयर व आयुष्मान कार्ड एक्टिव करवाने को करनी पड़ती है भागदौड़

Thu, 01 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 11:59 PM IST
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One has to run around to get Himcare and Ayushman cards activated.
आईजीएमसी में मरीजों को दाखिल होने के बाद ए-ब्लॉक के लगाने पड़ते हैं चक्कर, चमियाना में वार्ड में मिल रही सुविधा
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बुजुर्ग और हड्डियों के मरीजों को हो रही दिक्कतें
गंभीर कैंसर मरीज को भी झेलनी पड़ती है परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में हिमकेयर और आयुष्मान योजना के कार्ड से उपचार लेने से पहले मरीजों को खूब भागदौड़ करनी पड़ रही है।
मरीजों को कार्ड एक्टिवेट करवाने के लिए वार्ड से ए-ब्लॉक में बने पंजीकरण काउंटर पर आना पड़ रहा है। दूसरा चमियाना अस्पताल में मरीजों के कार्ड वार्ड में आकर कर्मचारी खुद एक्टीवेट करते हैं। वहीं आईजीएमसी में ऐसी व्यवस्था न होने से सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्ग और हड्डी रोग से संबंधित मरीजों को हो रही है। इसी तरह टर्शरी कैंसर यूनिट में उपचार के लिए आने वाले गंभीर मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बुजुर्ग मरीजों के तीमारदार कार्ड एक्टिवेट करवाने के लिए स्टाफ से वार्ड में ही आने का आग्रह करते हैं, लेकिन मौजूदा कर्मी इससे इन्कार कर देते हैं। इसके बाद मजबूरी में मरीजों को काउंटर तक लाना पड़ता है। विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को कार्ड एक्टिवेट करवाने के लिए ए-ब्लॉक तक आना पड़ता है। ऐसे में हर वर्ग के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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गौरतलब है कि भर्ती मरीजों को हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड से सुविधा लेने के लिए इसे एक्टिवेट करवाना पड़ता है। बिना एक्टिवेट किए कार्ड की सुविधाएं नहीं ली जा सकती हैं। इसके लिए मरीज के थंब इंप्रेशन यानी अंगूठे के निशान के जरिये एक्टिवेशन किया जाता है। कई बार ड्रिप लगी होने के बावजूद मरीजों को एक्टिवेशन के लिए पंजीकरण काउंटर पर आना पड़ता है। तीमारदार कई बार अस्पताल प्रबंधन से स्टाफ को वार्ड में ही कार्ड एक्टिवेट करने के निर्देश देने का आग्रह कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
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चमियाना अस्पताल में नहीं आती दिक्कत
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में आईजीएमसी के बिल्कुल विपरीत स्थिति है। यहां मरीजों को कार्ड एक्टिवेट करवाने के लिए भटकना नहीं पड़ता है। हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना का स्टाफ भर्ती मरीजों के कार्ड एक्टिवेट करने के लिए संबंधित वार्ड में ही पहुंच जाता है। इससे बुजुर्ग मरीजों को आने-जाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती।


केस स्टडी
पित्त की पथरी का ऑपरेशन करवाने आईं नर्वदा ने बताया कि आईजीएमसी में हिमकेयर कार्ड एक्टिवेट करवाने के लिए भटकना पड़ता है। सर्जरी विभाग में भर्ती होने के बाद कार्ड एक्टिवेट करवाने के लिए ए-ब्लॉक में जाना पड़ता है। इससे काफी दिक्कतें आती हैं। कार्ड को वार्ड में आकर ही एक्टिवेट किया जाना चाहिए।

रामपुर की पूजा ने बताया कि वह अपनी माता का आईजीएमसी के टर्शरी कैंसर सेंटर (टीसीसी) में उपचार करवा रही हैं। उनकी माता बुजुर्ग हैं और उन्हें लाने-ले जाने में दिक्कत होती है। कीमोथेरेपी के लिए उन्हें अस्पताल लेकर आना पड़ता है, लेकिन काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में कार्ड एक्टिवेट करवाने के लिए कैंसर सेंटर से ए-ब्लॉक में जाना पड़ता है।
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