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Revenue Lok Adalat: सुक्खू बोले- प्रदेश में तीन माह में 89,091 इंतकाल और 6,029 तकसीम के मामले निपटाए

Thu, 01 Feb 2024 04:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 01 Feb 2024 04:56 PM IST
सार

राज्य में गत लगभग तीन माह में विशेष अभियान के दौरान इन अदालतों के माध्यम से इंतकाल के रिकॉर्ड 89,091 और तकसीम के 6,029 लंबित मामलों का निपटारा किया गया।

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Revenue Lok Adalat:  cm sukhvinder Sukhu said 89,091 cases of death and 6,029 cases of divorce were settled
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश में पहली बार आयोजित की जा रही राजस्व लोक अदालतों से लोगों को भरपूर लाभ मिल रहा है। राज्य में गत लगभग तीन माह में विशेष अभियान के दौरान इन अदालतों के माध्यम से इंतकाल के रिकॉर्ड 89,091 और तकसीम के 6,029 लंबित मामलों का निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी माह में ही विभिन्न राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से इंतकाल के 23,159 मामले और तकसीम के 1,958 मामलों का निपटारा किया गया। जनवरी में इंतकाल मामलों का निपटारा करने में प्रदेश का जिला कांगड़ा अग्रणी रहा। यहां 6,121 इंतकाल के मामलों का निपटारा किया गया। जिला मंडी में इंतकाल के 3,212 मामले और जिला ऊना में 2,289 इंतकाल मामलों का निपटान हुआ। इसके अतिरिक्त जिला ऊना में तकसीम के रिकॉर्ड 543 मामले निपटाए गए। जिला कांगड़ा में तकसीम के 464 और जिला मंडी में 303 मामले निपटाए गए।

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सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व के लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित कर आमजन को राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में 30 अक्तूबर 2023 से विशेष राजस्व लोक अदालतों का आयोजन शुरू किया गया और लोगों को बड़े स्तर पर राहत के दृष्टिगत अब हर माह के अंतिम दो दिवस में इन लोक अदालतों को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य लंबित राजस्व मामलों का समाधान सुनिश्चित करना है, जिससे लोगों को बार-बार राजस्व कार्यालय में जाने की आवश्यकता न पड़े। राजस्व लोक अदालतों को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया आंकड़ों के माध्यम से अपनी सफलता की कहानी बयां कर रही है।
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तीन माह की अल्प अवधि के भीतर ही रिकॉर्ड संख्या में लंबित राजस्व मामलों का प्रभावी निपटारा सुनिश्चित हुआ है। राज्य में यह पहली बार है कि लंबित राजस्व मामलों के समाधान के लिए मिशन मोड पर अभियान चलाया गया, जिसके ठोस परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रभावी एवं लोक सुलभ निर्णयों से ही बेहतर शासन व प्रशासन प्रदान किया जा सकता है और प्रदेश सरकार जन शिकायतों के तीव्र समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। आमजन से जुड़ने और जन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से शुरू किया गया महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सरकार गांव के द्वार’ इसी का परिणाम है।

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