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अवैध खनन में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई करें अधिकारी, सीएम जयराम ने दिए निर्देश
Tue, 29 Jun 2021 10:06 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 29 Jun 2021 10:06 PM IST
सार
अवैध खनन को रोकने के लिए हिमाचल सरकार ने ऊना जिला के गगरेट, पंडोगा, बठेरी, पुलियान और मैहतपुर में पांच पड़ताल चौकियां स्थापित की हैं। सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में और अधिक खनन पड़ताल चौकियां स्थापित करने पर विचार करेगी।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सरकार गंभीर हो गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को अवैध खनन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंगलवार को राज्य में अवैध खनन संबंधी गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम ने कहा कि ऊना जिला की स्वां नदी और जिला कांगड़ा का मंड क्षेत्र अवैध खनन की दृष्टि से अधिक संवेदनशील है। राज्य सरकार ने ऊना जिला के गगरेट, पंडोगा, बठेरी, पुलियान और मैहतपुर में पांच पड़ताल चौकियां स्थापित की हैं। सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में और अधिक खनन पड़ताल चौकियां स्थापित करने पर विचार करेगी।
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सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने नगर निगम व समितियों के अधिकार क्षेत्र के दो किलोमीटर के दायरे और नगर पंचायत के एक किलोमीटर दायरे में संबंधित निगम व समिति से अनापत्ति प्रमाणपत्र के बिना खनन पट्टे को अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है। किसी भी जलापूर्ति और सिंचाई योजना के 200 मीटर के दायरे और पुलों की धारा के विरुद्ध और धारा के प्रवाह की ओर 200 से 500 मीटर के दायरे में खनन संबंधी गतिविधियाें की अनुमति नहीं होगी। प्रदेश सरकार ने अवैध खनन से अधिक कड़ाई से साथ निपटने के लिए दंड का प्रावधान भी किया है।
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अवैध खनन में शामिल व्यक्ति के खिलाफ पांच लाख रुपये का जुर्माना और दो वर्ष तक की कैद का प्रावधान किया गया है। खनिज के अवैध भंडारण के लिए बाजार बिक्री मूल्य के अलावा 50 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कोई भी अवैध खनन में शामिल न हो, लेकिन साथ ही निर्माण के उद्देश्य और अन्य विकासात्मक कार्य के लिए वैज्ञानिक खनन को अनुमति देने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि अवैध खनन को रोकने और वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित खनन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि अवैध खनन के मामलों से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को अधिक कानूनी शक्तियां दी जाएंगी। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार और जेसी शर्मा, प्रधान सचिव केके पंत, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।