HPSSC Dispute: कर्मचारी चयन आयोग के अधिकारी-कर्मचारी गेट पर रोके, पांच गाड़ियों की चाबियां लीं
प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने के बाद भी बुधवार सुबह अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंच गए। यहां तैनात पुलिस ने सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को गेट पर ही रोक दिया और उन्हें भवन के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
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हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने के बाद भी बुधवार सुबह अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंच गए। यहां तैनात पुलिस ने सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को गेट पर ही रोक दिया और उन्हें भवन के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। आयोग को भंग करने के फैसले से मायूस अधिकारी व कर्मचारी दिनभर आयोग के बाहर धूप में खड़े रहे। वहीं, आयोग को दी गई पांच गाड़ियों की चाबियां भी चालकों से ले ली गई हैं और इन गाड़ियों को परिसर में खड़ा कर दिया गया है। सरकार ने सरप्लस पूल बनाकर आयोग के कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में तैनात करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक इस बारे में लिखित में आदेश जारी नहीं हुए हैं। इस कारण आयोग में बुधवार को कर्मचारी पहुंचे थे। दोपहर बाद सभी कर्मचारी अपने-अपने घरों को लौट गए। कर्मचारियों को समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करें। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने का निर्णय लेते हुए इस बारे में अधिसूचना जारी की थी।
मंगलवार रात को ही दडूही स्थित आयोग के कार्यालय को सील कर दिया गया। वहीं, कार्यालय भवन के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि आयोग का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे। मंगलवार को विजिलेंस के पुलिस महानिरीक्षक जी शिवा कुमार ने भी शिमला से हमीरपुर पहुंच कर एसआईटी और विजिलेंस से इस मामले में फीडबैक ली। इस मामले में अब अनुपूरक चार्जशीट भी न्यायालय में दाखिल होनी है। वहीं, आयोग को भंग करने के बाद एडीसी हमीरपुर जिनको कर्मचारी चयन आयोग का ओएसडी और उपायुक्त हमीरपुर जिनको आयोग का एचओडी नियुक्त किया गया था, यह दोनों नियुक्तियां भी स्वत: रद्द हो गई हैं। अब विजिलेंस ने इस मामले में सरकार से स्पष्ट निर्देश मांगे हैं कि अगर उन्हें पेपर लीक मामले में कोई रिकॉर्ड चाहिए तो उसे कौन उपलब्ध करवाएगा। पूर्व में ओएसडी और एचओडी से अनुमति लेकर भर्ती से संबंधित रिकॉर्ड प्राप्त किया जाता था। अब थोड़ी मुश्किल होगी। उधर, एडीसी हमीरपुर जितेंद्र सांजटा ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने के बाद यहां पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। साथ ही कर्मचारियों को भी कार्यालय में आने से इंकार कर दिया गया है।