हिमाचल के डिपुओं में मिलेगा पोषक तत्वों से युक्त चावल, जानिए पूरा मामला
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हिमाचल के साढ़े अठारह लाख राशनकार्ड उपभोक्ताओं को अब सस्ते राशन के डिपुओं में पोषक तत्वों से युक्त चावल मिलेगा। इस चावल में कैल्शियम, विटामिन ए एवं डी और आयरन होगा। अभी डिपुओं में साधारण चावल ही उपलब्ध करवाया जा रहा है।
नीति आयोग के निर्देशों के बाद सूबे के उपभोक्ताओं को बेेहतर गुणवत्ता वाला राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया गया है। अभी लोगों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत डिपो में मिलने वाले आटे में फोलिक एसिड मिलाकर दिया जाता है।
अब चावल में भी फोलिक एसिड के साथ अन्य पौष्टिक तत्व मिलाए जाएंगे। केंद्र सरकार हिमाचल को गेहूं और चावल उपलब्ध कराती है। प्रदेश सरकार अपने स्तर पर गेहूं की पिसाई कर साढ़े 12 लाख एपीएल उपभोक्ताओं को आटा देती है जबकि बीपीएल और अंत्योदय परिवार को और सस्ता गेहूं उपलब्ध कराया जाता है।
ऐसी डालते हैं चावल में पोषक तत्व
सामान्य चावल को धोने के बाद इसमें कैल्शियम, विटामिन और आयरन के घोल का स्प्रे किया जाता है। इसके बाद इसे कितनी भी बार धोया जाए, ये तत्व मौजूद रहेंगे। ऐसा सरकार इसलिए कर रही है कि अगर किसी में इन पोषक तत्वों की कमी है तो उसे दूर किया जा सके। यह सारी प्रक्रिया नमक में आयोडीन डालने की तरह पूरी होती है। इससे बीमारियों से लड़ने में शक्ति मिलती है।
केंद्र सरकार ने राशनकार्ड धारक उपभोक्ताओं को पोषक तत्वों वाला चावल देने को कहा है। केंद्र सरकार के निर्देशों पर अमल करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। हिमाचल के उपभोक्ताओं को गुणवत्ता वाला सस्ता राशन उपलब्ध हो, इसको लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। इसको लेकर नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने बैठक भी बुलाई है जिसमें कई मसलों पर चर्चा होगी। - ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव खाद्य आपूर्ति निगम