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अब राजस्व रिकॉर्डों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ संभव नहीं: सीएम

Thu, 12 Sep 2019 07:47 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 12 Sep 2019 07:47 PM IST
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Now there will be no tampering with revenue records: Jairam
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

अब राजस्व रिकार्ड से किसी भी तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं होगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को शिमला में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली का शुभारंभ किया। लैंड रिकॉर्ड के ऑनलाइन पंजीकरण का यह कार्यक्रम प्रायोगिक आधार पर सर्वप्रथम शिमला (शहरी) और शिमला जिला की कुमारसेन तहसील में शुरू किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्त्रिस्या से राज्य में शीघ्र पंजीकरण के साथ ऑनलाइन मूल्यांकन और भुगतान की सुविधा शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के उपरांत इसे पूरे प्रदेश में शुरू किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि नागरिकों को ऑनलाइन पंजीकरण, स्टांप ड्यूटी और ई-मेल अलर्ट की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इसके द्वारा राजस्व रिकॉर्डों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ रोकने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भूमि मालिकों के हित में राजस्व रिकॉर्ड के प्रभावी रखरखाव में सहायक सिद्ध होगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि से जुड़े विवादों को प्रभावी तरीके से निपटाने और राजस्व संबंधी मुकदमों में कमी लाने में भी यह प्रणाली मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नकली स्टांप पेपर को रोकने के लिए एनजीडीआरएस सहायक सिद्ध होगी। जयराम ठाकुुर ने कहा कि भूमि मालिकों और खरीददारों को ऑनलाइन प्रक्त्रिस्या के माध्यम से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने की भी सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस परियोजना को लागू करने वाला देश का 7वां राज्य है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के सचिव अजय प्रकाश सावहनी ने नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि एनजीडीआरएस एक यूनिफॉर्म सॉफ्टवेयर है, जिसका उपयोग उपभोक्ताओं के लाभ के लिए पूरे देश में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिलॉक की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, जिससे उपभोक्ता अपने जरूरी दस्तावेजों को इसमें सुरक्षित रख सके। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने मुख्यमंत्री और अन्य का स्वागत करते हुए इस पायलट प्रोजेक्ट की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी।

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