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Shimla News: किसान परिवार के मुखिया के पंजीकरण पर ही मिलेगा अब पैसा
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डिजिटल सर्वे में किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों को पंजीकरण करवाना जरूरी, प्रति वर्ष मिलते हैं छह हजार रुपये
लोकमित्र केंद्रों पर निःशुल्क करा सकते हैं पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कृषि विभाग की ओर से जिलेभर में किसानों का डिजिटल सर्वेक्षण किया जा रहा है जिसमें परिवार के मुखिया का पंजीकरण होना अनिवार्य है। आने वाले समय में पंजीकृत किसानों को ही सरकार से दी जाने वाली योजनाओं का लाभ मिलेगा।
यह पंजीकरण किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों को सबसे जरूरी है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें जो किसान पंजीकरण करवाएगा उन किसानों को ही यूनिक आईडी प्राप्त होगी और भविष्य में किसान सम्मान निधि सहित अन्य सुविधाएं मिल पाएंगी। एग्रिस्टक पोर्टल में किसानों का पंजीकरण सुचारू रूप से शुरू हो गया है। यह सुविधा किसानों को सभी लोकमित्र केंद्रों में निःशुल्क दी जा रही है। इसके अलावा किसान अपना पंजीकरण खुद अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भी कर सकते हैं। इसमें किसान के पास अपना आधार नंबर, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और जमीन का खसरा नंबर होना चाहिए। कुछ किसान पंजीकरण के दौरान अपने परिवार के तीन से चार सदस्यों का पंजीकरण करवा देते हैं, लेकिन डिजिटल सर्वेक्षण में केवल उस किसान का पंजीकरण होगा जिसके नाम जमीन होगी।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. अजब कुमार नेगी ने बताया कि पंजीकरण करने के बाद किसानों को विभाग की ओर से आईडी दी जाएगी। इस आईडी से किसान सरकार से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। फसलों के डिजिटल सर्वेक्षण से किसानों की फसलों का वास्तविक और सटीक डाटा सरकार के पास जाएगा।
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कोट
जिला शिमला के 13 विकास खंडों में सभी खंड तकनीकी प्रबंधन को पंजीकरण करने के लिए अधिकृत कर दिया है। इनकी आईडी भी बना दी है। यदि किसी भी किसान को पंजीकरण करने में असुविधा हो रही हो तो अपने ब्लॉक में जाकर खंड तकनीकी प्रबंधन से पंजीकरण करवा सकते है। सभी किसान 20 जनवरी तक अपना पंजीकरण डिजिटल सर्वेक्षण में करवा दें।
-देवीचंद कश्यप, आत्मा परियोजना निदेशक, शिमला
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लोकमित्र केंद्रों पर निःशुल्क करा सकते हैं पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कृषि विभाग की ओर से जिलेभर में किसानों का डिजिटल सर्वेक्षण किया जा रहा है जिसमें परिवार के मुखिया का पंजीकरण होना अनिवार्य है। आने वाले समय में पंजीकृत किसानों को ही सरकार से दी जाने वाली योजनाओं का लाभ मिलेगा।
यह पंजीकरण किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों को सबसे जरूरी है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें जो किसान पंजीकरण करवाएगा उन किसानों को ही यूनिक आईडी प्राप्त होगी और भविष्य में किसान सम्मान निधि सहित अन्य सुविधाएं मिल पाएंगी। एग्रिस्टक पोर्टल में किसानों का पंजीकरण सुचारू रूप से शुरू हो गया है। यह सुविधा किसानों को सभी लोकमित्र केंद्रों में निःशुल्क दी जा रही है। इसके अलावा किसान अपना पंजीकरण खुद अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भी कर सकते हैं। इसमें किसान के पास अपना आधार नंबर, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और जमीन का खसरा नंबर होना चाहिए। कुछ किसान पंजीकरण के दौरान अपने परिवार के तीन से चार सदस्यों का पंजीकरण करवा देते हैं, लेकिन डिजिटल सर्वेक्षण में केवल उस किसान का पंजीकरण होगा जिसके नाम जमीन होगी।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. अजब कुमार नेगी ने बताया कि पंजीकरण करने के बाद किसानों को विभाग की ओर से आईडी दी जाएगी। इस आईडी से किसान सरकार से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। फसलों के डिजिटल सर्वेक्षण से किसानों की फसलों का वास्तविक और सटीक डाटा सरकार के पास जाएगा।
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कोट
जिला शिमला के 13 विकास खंडों में सभी खंड तकनीकी प्रबंधन को पंजीकरण करने के लिए अधिकृत कर दिया है। इनकी आईडी भी बना दी है। यदि किसी भी किसान को पंजीकरण करने में असुविधा हो रही हो तो अपने ब्लॉक में जाकर खंड तकनीकी प्रबंधन से पंजीकरण करवा सकते है। सभी किसान 20 जनवरी तक अपना पंजीकरण डिजिटल सर्वेक्षण में करवा दें।
-देवीचंद कश्यप, आत्मा परियोजना निदेशक, शिमला