TB Eradication: अब इगरा टेस्ट से तोड़ी जाएगी टीबी संक्रमण की चेन, 48 से 72 घंटे में मिलेगी रिपोर्ट
प्रदेश को इस वर्ष के अंत तक क्षय रोग मुक्त करने के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए हमीरपुर जिले ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत टीबी रोगियों के कांटेक्ट में छुपी हुई टीबी की शीघ्र पहचान कर उनका उपचार करना है।
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हिमाचल प्रदेश को इस वर्ष के अंत तक क्षय रोग मुक्त करने के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए हमीरपुर जिले ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत टीबी रोगियों के कांटेक्ट में छुपी हुई टीबी की शीघ्र पहचान कर उनका उपचार करना है, ताकि टीबी की इस संक्रमण चेन को तोड़ा जा सके। इस के लिए जिला हमीरपुर में एक नए लैब टेस्ट की शुरुआत हो गई है। यह इगरा नाम का टेस्ट पुराने मोंटू टेस्ट की जगह लेगा। इस टेस्ट में व्यक्ति के शरीर से ब्लड सैंपल लेकर उसकी जांच की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट 48 से 72 घंटे के भीतर स्वास्थ्य विभाग को मिल जाएगी। यह टेस्ट पुराने मोंटू टेस्ट से ज्यादा कारगर और विश्वसनीय है। यह मरीज के संपर्क में आने वाले सभी परिवार के सदस्यों में छुपी हुई टीबी को शीघ्र पहचानने में मदद करेगा।
इस टेस्ट को यदि कोई व्यक्ति अपने स्तर पर करवाता है तो उसे लगभग 2,000 रुपये का खर्च करना पड़ता है, लेकिन क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में यह टेस्ट जिला हमीरपुर में निशुल्क होगा। इस कार्य के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोर डायग्नोस्टिक कंपनी से इकरार कर लिया है और स्वास्थ्य विभाग कंपनी को टीबी रोगी के संपर्क सूत्रों की सूची सौंपेगा । इसके बाद इस कंपनी के कर्मचारी उन सभी संपर्क सूत्रों के सैंपल उनके घर से लेकर उन्हें जांच के लिए लैब में भेजेंगे। इन सैंपलों की जांच के उपरांत इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिल जाएगी। जिन-जिन संपर्क सूत्रों में छुपी हुई टीबी का पता चलेगा उसके लिए लिए स्वास्थ्य विभाग तय नियमों के तहत उन्हें दवा का पूरा कोर्स देकर उनके शरीर से टीबी के संक्रमण को समाप्त कर देगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा ने कहा कि यह टेस्ट टीबी मुक्त हमीरपुर के अभियान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और जिला हमीरपुर शीघ्र ही टीबी मुक्त के लक्ष्य को प्राप्त लेगा।
टीबी से घबराएं नहीं, शीघ्र उपचार लें
मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि यह टेस्ट जिला हमीरपुर में ही सबसे पहले शुरू हुआ है और महत्वाकांक्षी टीबी मुक्त हिमाचल के लिए सभी को अपनी सहभागिता निभानी होगी। टीबी के कोई भी लक्षण दिखने पर शीघ्र अपनी जांच कराएं । टीबी की यदि पुष्टि होती है तो पूरा दवाई का कोर्स लें और अपने परिवार के सभी सदस्यों की जांच कराएं। टीबी से भयभीत न हो, शीघ्र उपचार लें और स्वास्थ्यवर्धक आहार लें। उन्होंने जिला हमीरपुर में इस नए इगरा टेस्ट की शुरुआत के लिए प्रदेश सरकार का आभार प्रकट किया है।