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Shimla News: आईजीएमसी में अब सर्जरी से होगा मोटापे का उपचार
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बैरियाट्रिक सर्जरी होगी अस्पताल में शुरू
30 से 50 साल के लोगों में आ रहा अधिक मोटापा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। मोटापा एक गंभीर समस्या बन रही है। 30 से 50 साल के लोग इससे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अब आईजीएमसी में बैरियाट्रिक सर्जरी के जरिये लोगों को मोटापे से राहत दिलाई जाएगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापे की समस्या बच्चों और किशोरों में भी देखने को अधिक मिल रही है। बैरियाट्रिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. शिवानी महाजन, डॉ. विवेक चौहान और डॉ. विवेक बिंदल 7 दिसंबर को आईजीएमसी के अटल सभागार में बैरियाट्रिक सर्जरी की तकनीक के बारे में अवगत करवाएंगे। इस बीमारी में दवाएं कितनी कारगार साबित होती हैं आदि की जानकारी चिकित्सकों को देंगे।
आईजीएमसी सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पुनीत महाजन ने बताया कि मोटापा किसी भी आयु में हो सकता है। कई मामलों में यह जेनेटिक भी होता है। इस वजह से हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य रोग पैदा होते हैं। ऐसे में बैरियाट्रिक सर्जरी एक प्रभावी उपचार के विकल्प के रूप में उभर रही है। यह सर्जरी न केवल वजन घटाने में मदद करेगी बल्कि अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी नियंत्रित करने में सहायक साबित होगी। आईजीएमसी के सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पुनीत महाजन ने बताया कि यह सर्जरी एक प्रभावी और सुरक्षित उपचार विकल्प के रूप में उभरकर सामने आ रही है। बताया कि आने वाले दिनों में इस तरह की सर्जरी दूरबीन के माध्यम से की जाएगी।
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बैरियाट्रिक सर्जरी मोटापे को नियंत्रित करने के लिए की जाती है। इसमें पेट के आकार को कम किया जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि यह सर्जरी दूरबीन के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा रूटीन में इस सर्जरी को करने के लिए अलग से ओटी टेबल और अन्य उपकरणों की खरीद की जा रही है।
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30 से 50 साल के लोगों में आ रहा अधिक मोटापा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। मोटापा एक गंभीर समस्या बन रही है। 30 से 50 साल के लोग इससे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अब आईजीएमसी में बैरियाट्रिक सर्जरी के जरिये लोगों को मोटापे से राहत दिलाई जाएगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापे की समस्या बच्चों और किशोरों में भी देखने को अधिक मिल रही है। बैरियाट्रिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. शिवानी महाजन, डॉ. विवेक चौहान और डॉ. विवेक बिंदल 7 दिसंबर को आईजीएमसी के अटल सभागार में बैरियाट्रिक सर्जरी की तकनीक के बारे में अवगत करवाएंगे। इस बीमारी में दवाएं कितनी कारगार साबित होती हैं आदि की जानकारी चिकित्सकों को देंगे।
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आईजीएमसी सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पुनीत महाजन ने बताया कि मोटापा किसी भी आयु में हो सकता है। कई मामलों में यह जेनेटिक भी होता है। इस वजह से हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य रोग पैदा होते हैं। ऐसे में बैरियाट्रिक सर्जरी एक प्रभावी उपचार के विकल्प के रूप में उभर रही है। यह सर्जरी न केवल वजन घटाने में मदद करेगी बल्कि अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी नियंत्रित करने में सहायक साबित होगी। आईजीएमसी के सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पुनीत महाजन ने बताया कि यह सर्जरी एक प्रभावी और सुरक्षित उपचार विकल्प के रूप में उभरकर सामने आ रही है। बताया कि आने वाले दिनों में इस तरह की सर्जरी दूरबीन के माध्यम से की जाएगी।
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बैरियाट्रिक सर्जरी मोटापे को नियंत्रित करने के लिए की जाती है। इसमें पेट के आकार को कम किया जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि यह सर्जरी दूरबीन के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा रूटीन में इस सर्जरी को करने के लिए अलग से ओटी टेबल और अन्य उपकरणों की खरीद की जा रही है।