हिमाचल में अब ऐसे होंगी शिक्षकों की नियुक्तियां
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हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों और हार्ड एरिया में शिक्षकों की नियुक्तियां अब एसडीम की अध्यक्षता वाली चयन कमेटियां करेंगी। प्रदेश सरकार ने पीरियड के आधार पर उक्त क्षेत्रों के स्कूलों में नियुक्त होने वाले शिक्षकों की नीतियों में संशोधन करते हुए ये बदलाव किए हैं।
इसके अलावा चयन कमेटियों में विषय विशेषज्ञ और वरिष्ठ शिक्षकों की अनिवार्यता की शर्त भी हटा दी है। कमेटी में संबंधित स्कूलों में की एसएमसी के अध्यक्ष के सदस्य और स्कूलों के मुखिया को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
सरकार ने नई अधिसूचना के तहत कुछ नए हार्ड एरिया भी जोड़े हैं। अधिसूचना के अनुसार एसएमसी फिलहाल जनरल एरिया में नियुक्तियां नहीं कर पाएगी।
वर्तमान में 300 शिक्षक हैं तैनात
जनजातीय और हार्ड एरिया में वर्तमान में एसएमसी माध्यम से नियुक्त करीब 300 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें एलटी, टीजीटी, जेबीटी और स्कूल लेक्चरर शामिल हैं। इन शिक्षकों को 60 रुपये से 100 रुपए प्रति पीरियड वेतन मिल रहा है।
एसएमसी टीचर्ज एसोसिएशन (नॉन हार्ड एंड नॉन ट्राइबल) के अध्यक्ष मनमोहन सिंह ने सरकार से आग्रह करते हुए मांग की कि एसएमसी के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती चयनित क्षेत्रों के अलावा अन्य बाकी जिलों में भी भर्ती करने की अनुमति दें। ताकि शिक्षकों के साथ न्याय हो सके।
ये जनजातीय और हार्ड एरिया
राज्य के सभी जनजातीय क्षेत्र, चंबा जिले का चुराह ब्लाक, शिमला जिला के रामपुर सब डीविजन के 15/20, 18/20, कुकी, दरकाली, मुनिश, काशापाट पंचायत शामिल है।
इसके अलावा रोहड़ू सब डिविजन के छौहारा ब्लॉक के जाबल, खाबल, पेखा, तांगनू, जांगलिक, डूंडी, माइला, संदास्ली, डगोली, रोहल, रनोल, खरशाली, गौंसारी, दिसवानी, ढाकगांव को जोड़ा गया है।
कांगड़ा जिला के बड़ा बंगाल, छोटा बंगाल, सिरमौर से शिलाई और संगड़ाह, मंडी की चौहार घाटी को हार्ड एरिया में चिह्नित किया है।