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Shimla News: अब वार्डों में ही लोग बनवा सकेंगे कूड़ा बिल की आईडी
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अब वार्डों में होगा
कूड़ा बिल पंजीकरण को नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तर के चक्कर
नगर निगम ने सभी वार्डों के सुपरवाइजरों को दी नए उपभोक्ताओं की गारबेज आईडी बनाने की शक्तियां
वार्ड के सुपरवाइजर से करना होगा संपर्क
नगर निगम के दफ्तर के नहीं काटने होंगे चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में कूड़ा बिल के पंजीकरण के लिए लोगों को अब नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। कूड़ा बिल के लिए नए उपभोक्ताओं की गारबेज आईडी अब वार्डों में ही बन जाएगी।
इसके लिए नगर निगम ने सभी वार्ड सुपरवाइजरों को शक्तियां दी हैं। उन्हें लॉगइन आईडी देकर अपने-अपने वार्डों में दर्ज होने वाले नए उपभोक्ताओं की आईडी बनाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम के अनुसार शिमला शहर में करीब 66 हजार घरों और संस्थानों से कूड़ा उठाया जाता है। शहर में अलग आवास में रहने वाले हर परिवार के लिए कूड़ा बिल के लिए अपनी गारबेज आईडी बनाना अनिवार्य है। इसी आईडी पर कूड़े के बिल जारी होते हैं। यदि किसी मकान में नया किराएदार रहने आता है तो मकान मालिक को उस कमरे की अलग गारबेज आईडी बनानी पड़ती है।
गारबेज आईडी में सुविधा लेने वाले का नाम, मोबाइल नंबर आदि दर्ज किया जाता है। इसके बाद कूड़े के बिल संबंधित मोबाइल नंबर पर जारी होते हैं। अभी लोगों को नई गारबेज आईडी बनाने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे थे। कई लोग सुपरवाइजरों के माध्यम से भी आवेदन करते थे, लेकिन उन्हें भी दफ्तर आकर ही यह आईडी बनानी पड़ती थी। इसमें काफी समय लग रहा था। अब यह परेशानी नहीं रहेगी। सुपरवाइजर खुद वार्डों में जाकर इस व्यवस्था को देखेंगे।
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सुपरवाइजरों को रिकवरी बढ़ाने के निर्देश
नगर निगम ने सभी सुपरवाइजरों को वार्डों में जाकर रिकवरी बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। बीते सदन में पार्षदों ने मुद्दा उठाया था कि उनके वार्ड में सभी लोग नगर निगम को कूड़ा शुल्क नहीं दे रहे हैं। इसका कारण इन लोगों का कूड़ा शुल्क के लिए पंजीकरण न होना है। इस पर निगम प्रशासन ने सभी सुपरवाइजरों को निर्देश दिए हैं कि हर भवन मालिक, किराएदार, कारोबारी या संस्थान की गारबेज आईडी तैयार की जाए, ताकि उन्हें बिल जारी किए जा सकें।
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कूड़ा बिल पंजीकरण को नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तर के चक्कर
नगर निगम ने सभी वार्डों के सुपरवाइजरों को दी नए उपभोक्ताओं की गारबेज आईडी बनाने की शक्तियां
वार्ड के सुपरवाइजर से करना होगा संपर्क
नगर निगम के दफ्तर के नहीं काटने होंगे चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में कूड़ा बिल के पंजीकरण के लिए लोगों को अब नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। कूड़ा बिल के लिए नए उपभोक्ताओं की गारबेज आईडी अब वार्डों में ही बन जाएगी।
इसके लिए नगर निगम ने सभी वार्ड सुपरवाइजरों को शक्तियां दी हैं। उन्हें लॉगइन आईडी देकर अपने-अपने वार्डों में दर्ज होने वाले नए उपभोक्ताओं की आईडी बनाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम के अनुसार शिमला शहर में करीब 66 हजार घरों और संस्थानों से कूड़ा उठाया जाता है। शहर में अलग आवास में रहने वाले हर परिवार के लिए कूड़ा बिल के लिए अपनी गारबेज आईडी बनाना अनिवार्य है। इसी आईडी पर कूड़े के बिल जारी होते हैं। यदि किसी मकान में नया किराएदार रहने आता है तो मकान मालिक को उस कमरे की अलग गारबेज आईडी बनानी पड़ती है।
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गारबेज आईडी में सुविधा लेने वाले का नाम, मोबाइल नंबर आदि दर्ज किया जाता है। इसके बाद कूड़े के बिल संबंधित मोबाइल नंबर पर जारी होते हैं। अभी लोगों को नई गारबेज आईडी बनाने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे थे। कई लोग सुपरवाइजरों के माध्यम से भी आवेदन करते थे, लेकिन उन्हें भी दफ्तर आकर ही यह आईडी बनानी पड़ती थी। इसमें काफी समय लग रहा था। अब यह परेशानी नहीं रहेगी। सुपरवाइजर खुद वार्डों में जाकर इस व्यवस्था को देखेंगे।
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सुपरवाइजरों को रिकवरी बढ़ाने के निर्देश
नगर निगम ने सभी सुपरवाइजरों को वार्डों में जाकर रिकवरी बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। बीते सदन में पार्षदों ने मुद्दा उठाया था कि उनके वार्ड में सभी लोग नगर निगम को कूड़ा शुल्क नहीं दे रहे हैं। इसका कारण इन लोगों का कूड़ा शुल्क के लिए पंजीकरण न होना है। इस पर निगम प्रशासन ने सभी सुपरवाइजरों को निर्देश दिए हैं कि हर भवन मालिक, किराएदार, कारोबारी या संस्थान की गारबेज आईडी तैयार की जाए, ताकि उन्हें बिल जारी किए जा सकें।