{"_id":"62b9db742fdcc7496114785d","slug":"now-micro-controller-will-prevent-water-wastage-students-of-engineering-college-nagrota-bagwan-invented-the-equipment","type":"story","status":"publish","title_hn":"Micro Water Controller: अब पानी को बरबाद होने से रोकेगा माइक्रो कंट्रोलर, अभियांत्रिकी महाविद्यालय नगरोटा बगवां के छात्रों ने ईजाद किया उपकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Micro Water Controller: अब पानी को बरबाद होने से रोकेगा माइक्रो कंट्रोलर, अभियांत्रिकी महाविद्यालय नगरोटा बगवां के छात्रों ने ईजाद किया उपकरण
Tue, 28 Jun 2022 05:00 AM IST
Krishan Singh
अनिल भंडारी, संवाद न्यूज एजेंसी, नगरोटा बगवां (कांगड़ा)
अनिल भंडारी, संवाद न्यूज एजेंसी, नगरोटा बगवां (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 28 Jun 2022 05:00 AM IST
सार
राजीव गांधी राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय (आरजीजीईसी) नगरोटा बगवां के दो छात्रों अभिनव धीमान और हिमांशु राणा ने ऐसा माइक्रो कंट्रोलर ईजाद किया है। यह चार प्रकार से काम करेगा। इन छात्रों ने इस उपकरण का पेटेंट भी अपने नाम करवा लिया है।
विज्ञापन
आरजीजीईसी नगरोटा बगवां के छात्रों ने ईजाद किया उपकरण।
- फोटो : संवाद
विस्तार
अगर आप गलती से भी नल खुला छोड़कर चले जाएंगे तो इस बात की चिंता नहीं होगी कि पानी व्यर्थ बह जाएगा। बाल्टी भरने के बाद नल अपने आप बंद हो जाएगा। राजीव गांधी राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय (आरजीजीईसी) नगरोटा बगवां के दो छात्रों अभिनव धीमान और हिमांशु राणा ने ऐसा माइक्रो कंट्रोलर ईजाद किया है। यह चार प्रकार से काम करेगा। इन छात्रों ने इस उपकरण का पेटेंट भी अपने नाम करवा लिया है।
विज्ञापन
माइक्रो कंट्रोलर में चार मोड रखे गए हैं। सामान्य मोड में नल से पानी आम नलों की तरह ही आएगा। टाइमिंग सेट करने के बाद दूसरे मोड में नल के नीचे रखी गई पानी की बाल्टी भरने के बाद ओवरफ्लो नहीं होगी। तीसरे मोड में नल से सुविधा के अनुसार पानी लिया जा सकेगा। चौथा मोड पानी की टाइमिंग से संबंधित है। इसे ऑन करने पर आप टाइमिंग के हिसाब से नल को ऑन और ऑफ कर सकते हैं।
विज्ञापन
दोनों छात्रों ने कहा कि यह तकनीक को तैयार करने में सहायक प्रोफेसर (ईसीई) संजीव कुमार और आरजीजीईसी के मार्गदर्शन में काम किया। विभाग के प्राध्यापक विवेक मनकोटिया, मनीष भारद्वाज, आशीष शर्मा, अक्षय कंवर और संजीव नरयाल ने भी सहयोग किया है। महाविद्यालय के निदेशक प्रो. पीपी शर्मा ने बताया कि आज के परिदृश्य में पानी की कमी आने वाली चुनौतियों में से एक है। छात्रों का यह पेटेंट रोजमर्रा के जीवन में पानी का संरक्षण कर और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जा सकने वाले प्रस्तावित नल प्रणालियों से पानी की बर्बादी की समस्या को हल करने पर केंद्रित है।
विज्ञापन