अब आईएसबीटी से 'रोपवे' में पहुंचे माल रोड
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पहाड़ों की रानी शिमला आने वाले सैलानियों के लिए खुशखबरी यह है कि यह अब उन्हें माल रोड़ पहुंचने के लिए टैक्सियों में धक्के नहीं खाने होंगे। अब सीधा यहीं से रोपवे के जरिये रिज मैदान तक पहुंच सकते हैं।
टूटीकंडी में बने नए बस अड्डे से रिज मैदान तक रोपवे बनाने का टेंडर मंजूर कर दिया है। प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट बोर्ड ने फाइनेंशियल बिड कर कंपनी को शार्ट लिस्ट कर दिया है।
शनिवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में आईएसबीटी-लिफ्ट-रिज रोपवे प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजने का फैसला लिया है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद रोपवे का टेंडर अवार्ड कर दिया जाएगा।
टेंडर अवार्ड होने के बाद रोपवे बनाने का काम शुरू होगा। 22 जनवरी को प्रोजेक्ट की टेक्निकल बिड हुई थी। तकनीकी मानकों पर खरी उतरी कंपनियों के बीच फाइनेंशियल बिड की गई।
पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशीप) मोड पर रोपवे का निर्माण किया जाना है। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 250 करोड़ रखी है। रोपवे बनने से शहरवासियों को एक बड़ी सुविधा मिलेगी।
हिल्स क्वीन आने वाले सैलानियों के लिए भी रोपवे आकर्षण का केंद्र बनेगा। शिमला शहर में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए आईएसबीटी टूटीकंडी से कार्ट रोड स्थित लिफ्ट के पास निर्माणाधीन पार्किंग से रानी झांसी पार्क के ऊपर स्थित जोध निवास के पास तक रोप वे का निर्माण किया जाना है।
तीन किलोमीटर लंबा रोपवे
करीब तीन किलोमीटर लंबे इस रोप वे की शुरुआती लागत लगभग 250 करोड़ रुपये होगी। इसके बोर्डिंग स्टेशन टूटीकंडी और लिफ्ट में स्थापित किए जाएंगे। दोनों स्थानों पर 500-500 वाहनों के लिए पार्किंग स्थल विकसित किए जा रहे हैं।
रोप वे की एकतरफा क्षमता 1500 से 2000 व्यक्ति प्रति घंटा होगी और एक तरफ की यात्रा में लगभग 10 से 15 मिनट का समय लगेगा। रोप वे यात्रा समय बचाने के साथ-साथ प्रदूषण को रोकने में भी सहायक सिद्ध होगी। इससे शिमला में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
टेंडर अवार्ड होने के बाद कंपनी को साइट क्लीयरेंस सर्टिफिकेट देगा। रोपवे के गुजरने वाले रास्ते से बिजली, केबल, फोन तारों को हटाना पड़ेगा। वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया जाएगा। साइट क्लीयर होने के बाद सर्टिफिकेट आफ कंपाइलेशन दिया जाएगा।