अब यहां मिलेगा आपको जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र
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प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। सरकारी अस्पतालों में एमएस, एमओ और बीएमओ को रजिस्ट्रार बनाया गया है। पूर्व में नगर परिषद, नगर पंचायत और पंचायतें ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करती थीं। अब इसमें संशोधन किया है। नगर परिषद और नगर पंचायतें केवल प्राइवेट अस्पतालों में पैदा होने वाले शिशुओं का जन्म प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं।
सभी सरकारी अस्पतालों में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की ब्रांच शुरू कर दी है। ये प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। अभी फीस संबंधी निर्देश नहीं दिए गए हैं। वर्तमान में रेडक्रॉस की पर्चियां प्रमाणपत्र के साथ दी जा रही हैं। नगर परिषद में जारी किए जा रहे प्रमाणपत्रों की एवज में 50 रुपये फीस वसूली जा रही है। अस्पताल का डाटा तुरंत अपडेट होने के कारण लोग जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र तुरंत हासिल कर सकते हैं।
सरकार के आदेशानुसार जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र देने की ब्रांच शुरू
पहले अस्पताल से नगर परिषद को डाटा अपडेट करने के लिए करीब एक सप्ताह लगता था। जोनल अस्पताल स्तर पर एमएस और सीएमओ, ब्लॉक स्तर पर सीएचसी में बीएमओ, पीएचसी (डिलीवरी प्वाइंट्स) में एमओ को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
इधर, नगर परिषद मंडी की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल के जन्म और मृत्यु संबंधी प्रमाण पत्र एमसी के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं। इसके एवज में 50 रुपये वसूले जा रहे हैं।
डा. विनोद, एसएमएस जोनल अस्पताल मंडी ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार अस्पतालों में जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र देने की ब्रांच शुरू कर दी गई है। नियमानुसार प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। अस्पताल में हुए जन्म-मृत्यु संबंधी सभी प्रमाणपत्र अस्पताल प्रबंधन ही जारी करेंगे।