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अब मेक शिफ्ट अस्पताल में होगा कोरोना मरीजों का इलाज
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शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है। अस्पताल में मौजूदा समय में पांच मरीज ही दाखिल हैं। लिहाजा अब इन मरीजों का इलाज आइसोलेशन वार्ड की जगह मेक शिफ्ट अस्पताल में किया जाएगा।
चूंकि मरीजों की संख्या कम है तो ऐसे में एक जगह पर इलाज होने से बाकी के वार्ड आसानी से चलाए जाएंगे। हालांकि आईजीएमसी प्रबंधन का तर्क है कि अभी एक सप्ताह तक कोरोना के मामलों को देखा जाएगा। अभी अस्पताल में डॉक्टरों की छुट्टियां चल रही हैं। विभिन्न विभागों के अध्यक्ष भी छुट्टी पर हैं तो उनसे बैठक करके ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने इस बात की पुष्टि की हैं।
आइसोलेशन वार्ड में कोरोना से पूर्व मनोरोग, चर्म रोग, श्वास रोग व मेडिसिन वार्ड के मरीजों का उपचार होता था। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान प्रबंधन ने इसे आइसोलेशन वार्ड में तबदील कर दिया था। लिहाजा इसके बाद से यहां पर कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा था। लेकिन अब मरीजों की संख्या घटी है तो ऐसे में यहां पर बाकी के वार्डों को चलाने की व्यवस्था करने में जुट गया है। हालांकि अभी प्रबंधन करीब एक सप्ताह का समय लेगा, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। चूंकि अभी गंभीर मरीज ज्यादा नहीं हैं तो ऐसे में अन्य व्यवस्था करने में जुटा है।
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तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव, दो महिलाओं की मौत
जिला शिमला में रविवार को कोरोना वायरस के तीन मामले सामने आए हैं। वहीं दो महिलाओं की मौत हो गई। इनकी उम्र 55 और 73 साल थी। दोनों महिलाओं को किडनी की बीमारी, मधुमेह के अलावा कोविड निमोनिया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 192 सैंपल लिए थे, जिनमें आईजीएमसी, रामपुर और मंडी से एक-एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
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चूंकि मरीजों की संख्या कम है तो ऐसे में एक जगह पर इलाज होने से बाकी के वार्ड आसानी से चलाए जाएंगे। हालांकि आईजीएमसी प्रबंधन का तर्क है कि अभी एक सप्ताह तक कोरोना के मामलों को देखा जाएगा। अभी अस्पताल में डॉक्टरों की छुट्टियां चल रही हैं। विभिन्न विभागों के अध्यक्ष भी छुट्टी पर हैं तो उनसे बैठक करके ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने इस बात की पुष्टि की हैं।
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आइसोलेशन वार्ड में कोरोना से पूर्व मनोरोग, चर्म रोग, श्वास रोग व मेडिसिन वार्ड के मरीजों का उपचार होता था। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान प्रबंधन ने इसे आइसोलेशन वार्ड में तबदील कर दिया था। लिहाजा इसके बाद से यहां पर कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा था। लेकिन अब मरीजों की संख्या घटी है तो ऐसे में यहां पर बाकी के वार्डों को चलाने की व्यवस्था करने में जुट गया है। हालांकि अभी प्रबंधन करीब एक सप्ताह का समय लेगा, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। चूंकि अभी गंभीर मरीज ज्यादा नहीं हैं तो ऐसे में अन्य व्यवस्था करने में जुटा है।
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तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव, दो महिलाओं की मौत
जिला शिमला में रविवार को कोरोना वायरस के तीन मामले सामने आए हैं। वहीं दो महिलाओं की मौत हो गई। इनकी उम्र 55 और 73 साल थी। दोनों महिलाओं को किडनी की बीमारी, मधुमेह के अलावा कोविड निमोनिया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 192 सैंपल लिए थे, जिनमें आईजीएमसी, रामपुर और मंडी से एक-एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।