{"_id":"c863277f3a5168813486437d616d0d94","slug":"now-congress-leaders-not-contesting-elections-even-by-paying-money-dhumal","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब पैसे देकर भी चुनाव नहीं लड़ रहे कांग्रेसी: धूमल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब पैसे देकर भी चुनाव नहीं लड़ रहे कांग्रेसी: धूमल
बयूरो/ अमर उजाला, कांगड़ा
Updated Tue, 25 Mar 2014 10:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने देहरा में नवीन धीमान की भाजपा में वापसी को लेकर आयोजित कार्यक्रम से बाद पत्रकार वार्ता में कहा कि आखिरकार घर, घर ही होता है।
विज्ञापन
धूमल ने कहा कि वर्ष 1977 का चुनाव ऐतिहासिक था। उसके बाद 1984 में किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था।
30 साल बाद फिर भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने जा रहा है। दावा किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को 300 से अधिक सीटें मिलेंगी।
पहले कांग्रेस में पैसे देकर टिकट लेनी पड़ती थी, अब पैसे देकर भी नेता चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य ठप हैं। सीएम वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के तथ्यों सहित आरोप लगे हैं।
वीरभद्र सिंह ने अपनी इन्कम टैक्स रिटर्न में पहले साल कहा था कि उनके बगीचे में 7 लाख 35 हजार के सेब हुए हैं।
तीन साल बाद कहते हो कि 7 लाख 35 हजार के नहीं 2 करोड़ 82 लाख के सेब हुए।
दूसरे साल की रिटर्न में कहते हो कि 15 लाख के हुए। फिर कहा कि 15 लाख के नहीं 2 करोड़ 20 लाख के हुए हैं।
वीरभद्र सिंह बताएं कि वह कौन सी किस्म का पौधा है, जिसमें तीन साल के लिए सोने के सेब लगते हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह की भाषा बताती है कि संस्कार कैसे हैं।
वीरभद्र सिंह 1910 के शिमला हिल गजट को पढ़ लें, कौन किसका बेटा है। इस मौके पर प्रभारी प्रवीण शर्मा, विधायक रविंद्र सिंह रवि, विधायक विक्रम ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन