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Shimla News: सेस का पैसा जमा न करवाने पर आबकारी विभाग और बिजली बोर्ड को नोटिस

Fri, 09 Jan 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:55 PM IST
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एक्सक्लूसिव...
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आम बजट से पहले पैसा वसूली में जुटा नगर निगम, आबकारी विभाग से शराब सेस का वसूला जाना है 1.60 करोड़ रुपये

बिजली बोर्ड से भी ली जानी है सेस की करोड़ों रुपये की राशि, पैसा न आने से कामों पर पड़ रहा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आम बजट से पहले नगर निगम अब सभी विभागों से पैसों की वसूली में जुट गया है। सेस की अदायगी न करने पर नगर निगम ने आबकारी विभाग और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को नोटिस जारी कर दिए हैं। लंबे समय से सेस न मिलने के कारण नगर निगम का इन विभागों के पास करोड़ों रुपया फंसा है। इसके चलते नगर निगम की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। नगर निगम को आबकारी विभाग से शराब सेस और बिजली बोर्ड से इस वित्तीय वर्ष की विद्युत सेस की राशि नहीं मिली है। इस बारे में कई बार नगर निगम रिमाइंडर भेज चुका है लेकिन ये विभाग सेस नहीं दे रहे।
नगर निगम को आबकारी विभाग से करीब 1.60 करोड़ रुपये शराब सेस वसूलना है। निगम क्षेत्र में प्रति बोतल शराब की बिक्री पर दो रुपये सेस लगता है। विभाग ने यह सेस अभी तक जमा नहीं करवाया है। इस कारण अब निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है। वहीं बिजली बोर्ड से प्रति यूनिट दस पैसे नगर निगम सेस लिया जाता है। यह पैसा भी अभी तक निगम के पास नहीं आया है। नगर निगम को अगले महीने अपना बजट पेश करना है। उसमें इस राशि जो शामिल करना जरूरी है। इसीलिए निगम ने इन विभागों को पैसा जमा करने को कहा है।
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बजट से पहले नगर निगम की अहम बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अध्यक्ष इसमें शामिल हुए जिसमें कि विभिन्न मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में स्पष्ट कहा कि यदि सेस की राशि समय पर नहीं मिली तो विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं पर सीधा असर पड़ेगा। निगम को सफाई व्यवस्था, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सेवाओं के लिए पर्याप्त धन की आवश्यकता है। ऐसे में यह आंकड़ा तीन करोड़ से भी अधिक पहुंच गया है।
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बता दें कि सेस नगर निगम की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है और इसे न देना नियमों के खिलाफ है। यदि तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो अन्य कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि नगर निगम ने आबकारी विभाग और बिजली बोर्ड से जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग की है, ताकि शहर के विकास कार्यों में कोई बाधा न आए और बजट में प्रस्तावित योजनाओं को समय पर अमल में लाया जा सके।
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