महिला नेता से दुर्व्यवहार मामले में बलदेव भंडारी को भाजपा ने जारी किया नोटिस
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सराहां के कुश्ती मैदान में बीते चार मई को भाजपा की चुनावी रैली में भाजपा नेता एवं जिला परिषद सदस्य के कथित अपमान की शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया है।
विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी पर लगे इन आरोपों की एक ओर जहां पुलिस जांच कर रही है, वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भंडारी को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय दिया है।
गौरतलब है कि रैली में जनता का अभिवादन करने के दौरान महिला नेता को धक्का देने के आरोप लगे थे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो गया। महिला नेता ने पुलिस थाना में शिकायत पत्र सौंपते हुए बलदेव भंडारी पर अपमानित करने और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप लगाए।
नोटिस में लिखा गया है कि क्यों न आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए? उधर, बलदेव भंडारी ने तमाम आरोपों को निराधार एवं झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का नोटिस उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है, जब मिलेगा तो जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि रैली में मंच पर रखी कुर्सियों पर बाकायदा उन पर बैठने वालों के नाम की पर्ची प्रोटोकॉल के हिसाब से चिपकाई गई थीं। उक्त महिला नेता ने पौड़ी से आए विधायक के नाम की चिट फाड़ी और उनकी कुर्सी पर बैठ गईं।
जांच पूरी होने से पहले कुछ कहना उचित नहीं : जयराम
महिला ने पार्टी का प्रोटोकॉल तोड़ा है। हां, इतना जरूर है कि उन्होंने जनता का अभिवादन करने के दौरान उन्हें साइड होने के लिए जरूर कहा। लेकिन, अन्य तमाम आरोप निराधार हैं। विधानसभा चुनाव में पच्छाद मंडल ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उन्हें निष्कासित करने का पत्र हाईकमान को भेजा था। तब से महिला के साथ वह बात तक नहीं करते।
सीएम जयराम ठाकुर ने वीरवार को शिलाई व पांवटा में चुनावी जनसभाएं कीं। पांवटा के ज्वालापुर में जनसभा के बाद रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात में भाजपा नेता के साथ कथित अपमान से जुड़े मामले पर सवाल पूछा गया। जवाब, में मुख्यमंत्री ने सिर्फ इतना कहा कि शिकायत की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि जब तक जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।
महिला नेता के पक्ष में धरने पर बैठे निर्दलीय प्रत्याशी
नाहन (सिरमौर)। जिला परिषद सदस्य एवं भाजपा महिला नेता के पक्ष में शिमला संसदीय सीट के निर्दलीय उम्मीदवार रवि कुमार दलित धरने पर बैठ गए हैं। वीरवार को शिमला से नाहन पहुंचते ही आजाद प्रत्याशी रवि कुमार दो अन्य संगठनों के पदाधिकारियों के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। कार्यालय परिसर में पहुंचते ही रवि कुमार दलित समेत सीपीआईएम के राज्य कमेटी सदस्य हरदेव शर्मा व आंबेडकर राइट पार्टी आफ इंडिया के सचिव सुरेंद्र सिंह के साथ धरने पर बैठ गए।
आजाद उम्मीदवार ने साफ लहजे में कहा कि महिला नेता से दुर्व्यवहार प्रकरण मामले में सरकार भाजपा नेता बलदेव भंडारी को गिरफ्तार करे। यदि जल्द से जल्द इस दिशा में सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती तो सांकेतिक धरने को उग्र आंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह शासन व प्रशासन के दबाव में नहीं आने वाले हैं।
रवि कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बगल में ही एक महिला का अपमान हुआ। लेकिन, इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि महिला नेता ने पुलिस थाना सराहां में सौंपी शिकायत में जो आरोप लगाए हैं, इसके तहत बलदेव भंडारी पर एट्रोसिटी का मामला दर्ज किया जाए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का भाजपा में उत्पीड़न होता आ रहा है। जातिसूचक शब्द कहने के मामले में इन महिला नेता ने हिम्मत दिखाई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि शीघ्र ही कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा।