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कर्मचारी कल्याण बोर्ड को भंग करें मुख्यमंत्री, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने उठाई मांग
Wed, 20 Nov 2019 07:24 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 20 Nov 2019 07:24 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि हिमाचल कर्मचारी कल्याण बोर्ड को तुरंत भंग किया जाए। वर्ष 1979 से प्रदेश के कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बुलाई जाती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि माता-पिता के देहांत पर अनियमित और अनुबंध कर्मियों को 16 विशेष अवकाश दिए जाएं। वर्तमान में ऐसे कर्मचारियों का 16 दिन का वेतन काटा जाता है।
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महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार भी शीघ्र किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारी नेता स्वर्गीय मधुकर को श्रद्धांजलि दी गई। उनके कर्मचारी हितों में किए कामों के लिए याद भी किया गया। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का 53 वां स्थापना दिवस बुधवार को कालीबाड़ी हाल शिमला में मनाया गया। इसमें प्रदेश भर से पदाधिकारियों के आमंत्रित किया गया था। राज्य के पौने दो लाख कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ कर रहा है। प्रदेशाध्यक्ष विनोद ने कहा कि महासंघ को निष्ठावान और समर्पित पदाधिकारियों की जरूरत है।
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कुछ नेता कर्मचारियों के हितों को दरकिनार कर निजी स्वार्थों की पूर्ति कर रहे हैं। विनोद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग करने का प्रस्ताव महासंघ ने सरकार के पास भेजा था और मंत्रिमंडल ने इस पर मुहर लगाई। भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन का मामला भी उठाया गया और इस पर भी सरकार ने कारगर कदम उठाए। प्रदेश के कर्मचारियों को 7 वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का मामला भी सरकार से उठाया गया है।
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महासंघ के पूर्व पदाधिकारियों ने पांच साल में एक बार जेसीसी बुलाई और कर्मचारियों को वित्तीय लाभ के नाम पर पांच फीसदी डीए दिलाया। कर्मचारियों को सात फीसदी डीए देना जरूरी है। महासंघ का हिसाब मांगा गया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पहुंच गए। कर्मचारियों के मसलों पर चर्चा करने के लिए हर तीन में बैठकें बुलाई जानी जरूरी हैं। बैठक में करीब 70 पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रदेश, जिलों और विभागों के पदाधिकारी प्रमुख रहे।