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आईजीएमसी में कोरोना की एक भी डोज नहीं हुई खराब
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अब तक साढ़े तेरह हजार हेल्थ केयर और फ्रंट लाइन वर्करों को लग चुकी है वैक्सीन
600 युवाओं को लगाई गई पहली डोज
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के कोरोना वैक्सीनेशन केंद्र में हर रोज सैकड़ों लोग कोरोना वैक्सीन लगवा रहे हैं। यहां आजकल 44 साल से ऊपर की आयु वालों को वैक्सीन लगाई जा रही है। टीकाकरण के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। इसके अलावा अस्पताल में कोरोना की एक भी डोज खराब नहीं हुई है। केंद्र पर तैनात वैक्सीनेशन ऑफिसर सामाजिक दूरी को अपनाते हुए टीकाकरण का कार्य करने में जुटे हैं। आईजीएमसी में अब तक साढ़े 13 हजार हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंट लाइन वर्कर कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि 600 के करीब 18 से 44 साल के युवाओं को भी यहां पर कोरोना टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इसके अलावा अस्पताल में कोई भी डोज खराब नहीं हुई है। बताया कि वह इसका श्रेय अस्पताल के कर्मियों को देते हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद वैक्सीनेशन केंद्र को मेकशिफ्ट अस्पताल और न्यू ओपीडी ब्लॉक से डेंटल कॉलेज शिफ्ट किया था। इसके बाद डॉक्टर और अन्य विभागों के फ्रंटलाइन वर्कर को यहां पर वैक्सीन लगाई गई। इसके अलावा 44 साल से अधिक आयु के लोग रोजाना इन केंद्रों पर टीका लगवा रहे हैं।
आईजीएमसी में घटकर
75 रह गए कोरोना मरीज
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में कोरोना मरीजों की संख्या 100 से नीचे पहुंच गई है। बुधवार को अस्पताल में दाखिल कोरोना मरीजों की संख्या 75 रह गई। अस्पताल में दाखिल इनमें से अधिकतर मरीज गंभीर स्थिति वाले हैं। इन पर चिकित्सक नजर रखे हुए हैं। एक माह पहले यहां तीन सौ केे करीब मरीज दाखिल थे। डीडीयू अस्पताल में 40 के करीब मरीज दाखिल हैं। ग्रामीण इलाकों में खोले गए स्वास्थ्य केंद्रों में नए मामले आ रहे हैं लेकिन इनमें गंभीर मरीज कम संख्या में है।
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600 युवाओं को लगाई गई पहली डोज
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के कोरोना वैक्सीनेशन केंद्र में हर रोज सैकड़ों लोग कोरोना वैक्सीन लगवा रहे हैं। यहां आजकल 44 साल से ऊपर की आयु वालों को वैक्सीन लगाई जा रही है। टीकाकरण के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। इसके अलावा अस्पताल में कोरोना की एक भी डोज खराब नहीं हुई है। केंद्र पर तैनात वैक्सीनेशन ऑफिसर सामाजिक दूरी को अपनाते हुए टीकाकरण का कार्य करने में जुटे हैं। आईजीएमसी में अब तक साढ़े 13 हजार हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंट लाइन वर्कर कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि 600 के करीब 18 से 44 साल के युवाओं को भी यहां पर कोरोना टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इसके अलावा अस्पताल में कोई भी डोज खराब नहीं हुई है। बताया कि वह इसका श्रेय अस्पताल के कर्मियों को देते हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद वैक्सीनेशन केंद्र को मेकशिफ्ट अस्पताल और न्यू ओपीडी ब्लॉक से डेंटल कॉलेज शिफ्ट किया था। इसके बाद डॉक्टर और अन्य विभागों के फ्रंटलाइन वर्कर को यहां पर वैक्सीन लगाई गई। इसके अलावा 44 साल से अधिक आयु के लोग रोजाना इन केंद्रों पर टीका लगवा रहे हैं।
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आईजीएमसी में घटकर
75 रह गए कोरोना मरीज
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में कोरोना मरीजों की संख्या 100 से नीचे पहुंच गई है। बुधवार को अस्पताल में दाखिल कोरोना मरीजों की संख्या 75 रह गई। अस्पताल में दाखिल इनमें से अधिकतर मरीज गंभीर स्थिति वाले हैं। इन पर चिकित्सक नजर रखे हुए हैं। एक माह पहले यहां तीन सौ केे करीब मरीज दाखिल थे। डीडीयू अस्पताल में 40 के करीब मरीज दाखिल हैं। ग्रामीण इलाकों में खोले गए स्वास्थ्य केंद्रों में नए मामले आ रहे हैं लेकिन इनमें गंभीर मरीज कम संख्या में है।
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