फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   No teacher join in govt school Sanghani in Chamba in himachal pradesh

बच्चों ने ठानी पढ़ने की जिद, सरकारी शिक्षक पढ़ाने को ही तैयार नहीं

Mon, 23 Dec 2019 12:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सलूणी (चंबा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सलूणी (चंबा) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 23 Dec 2019 12:13 PM IST
विज्ञापन
No teacher join in govt school Sanghani in Chamba in himachal pradesh
- फोटो : अमर उजाला

सरकारी व्यवस्था और आदेशों का हाल देखिए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संघनी में एक साल से शिक्षकों, प्रधानाचार्य और लिपिक समेत एक दर्जन पद खाली हैं। अमर उजाला में खबर छपने के बाद दो दिसंबर को सरकार ने एक साथ छह शिक्षकों की तैनाती स्कूल में की। इन शिक्षकों को नौ दिसंबर तक ज्वाइन करना था, लेकिन अभी तक एक भी नहीं पहुंचा है। सभी यहां से दूसरी जगह जाने के जुगाड़ में लगे हैं। भले ही शिक्षक पढ़ाने को तैयार न हों, लेकिन बच्चों ने पढ़ने की जिद ठानी हुई है।

विज्ञापन


स्कूल में पढ़ने वाले 400 छात्रों के अभिभावकों ने हर महीने 50-50 रुपये देकर पांच अध्यापक रखे हैं। ये रोजाना बच्चों को पढ़ाने स्कूल आते हैं। जिन अध्यापकों को सरकार वेतन देती है, वे यहां आने को तैयार ही नहीं हैं। एसएमसी अध्यक्ष बिमला चंदेल ने बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति कई बार प्रस्ताव सरकार और शिक्षा विभाग को भेज चुकी है, लेकिन अभी तक स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। अमर उजाला में खबर छपने के बाद प्रदेश सरकार ने छह अध्यापकों के उक्त स्कूल के लिए ऑर्डर भी कर दिए, लेकिन करीब एक माह बाद भी अध्यापकों ने स्कूल में ज्वाइन नहीं किया है।
विज्ञापन


छात्रों की वार्षिक परीक्षाएं सिर पर हैं, लेकिन सरकार स्कूल में नियमित अध्यापक भेजने में असमर्थ दिखाई दे रही है। वैसे तो प्राइवेट अध्यापक यहां बच्चों को शिक्षा तो दे रहे हैं, लेकिन कुछ एक विषयों को बच्चे खुद ही पढ़ रहे हैं। बच्चे सुबह स्कूल आते हैं और खुद ही पढ़ाई-लिखाई कर वापस घर चले जाते हैं। यह सिलसिला कई दिन से चल रहा है। उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र पाल ने बताया कि उक्त स्कूल के लिए सरकार ने छह अध्यापकों के ऑर्डर किए थे। उन्हें स्कूल में ज्वाईन क्यों नहीं किया, इसकी जांच की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed