नहीं मिला कोई सुझाव, सिर्फ तबादले करवा रहे विधायक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षा के ढांचे में सुधार लाने के लिए प्रदेश के किसी भी विधायक ने कोई सुझाव नहीं दिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पद संभालते ही सभी विधायकों को पत्र लिखकर शिक्षा में बेहतरी लाने के लिए सुझाव मांगे थे लेकिन छह महीने में कोई सुझाव नहीं मिला।
सिर्फ शिक्षकों के तबादले कराने के लिए विधायकों के डीओ नोट शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय में पहुंच रहे हैं। शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा से लेकर शिक्षा निदेशकों को फोन पर भी विधायक तबादलों से संबंधित बातें ही करते हैं। मुख्यमंत्री के पत्र को लेकर किसी भी विधायक ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात नहीं की है।
अधिकांश स्कूल खाली
भाजपा के सत्ता संभालते ही ऊपरी शिमला के अधिकांश स्कूल खाली हो गए हैं। शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक ऊपरी शिमला में नियुक्त मैदानी क्षेत्रों के अधिकांश शिक्षकों ने सरकार बदलते ही अपने तबादले करवा लिए हैं। स्थानांतरित किए गए शिक्षकों की जगह नए शिक्षकों की नियुक्त नहीं हुई।
इस कारण स्कूलों में शिक्षकों के कई पद खाली हो गए हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी इसको लेकर चिंतित हैं। अब ऊपरी शिमला के सभी तबादले शिक्षा मंत्री की मंजूरी के बाद ही हो रहे हैं। पूर्व में मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलते ही निदेशालय अपने स्तर पर शिक्षकों को स्थानांतरित कर रहा था।