फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   no road connectivity in kullu tirthan woman walked three kilometer on chair

महिला को कुर्सी पर बैठा तीन किमी पैदल चलकर पहुंचाया सड़क तक

Fri, 16 Apr 2021 07:35 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, गुशैणी (कुल्लू)
अमर उजाला नेटवर्क, गुशैणी (कुल्लू) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 16 Apr 2021 07:35 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के कई गांव आज भी सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। कुल्लू में भी ऐसे कई गांव हैं। शुक्रवार को तीर्थन घाटी की पेखड़ी पंचायत के गांव नांही में महिला की तबीयत खराब हो गई। सड़क सुविधा न होने से महिला को कुर्सी पर बैठाकर परिजनों और ग्रामीणों को तीन किमी पैदल चलना पड़ा। इसके बाद वाहन से बंजार अस्पताल पहुंचाया गया। 29 वर्षीय सुजाता मेहता पत्नी रूपेंद्र कुमार को सुबह पेट में दर्द हुआ और वह बेहोश हो गई। गांव और आसपास के इलाकों में किसी तरह की स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। 
 

विज्ञापन
no road connectivity in kullu tirthan woman walked three kilometer on chair
सड़क सुविधा न होने के कारण महिला को इलाज के लिए कुर्सी पर उठाकर ले जाते हुए ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कई गांव आज भी सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। कुल्लू में भी ऐसे कई गांव हैं। शुक्रवार को तीर्थन घाटी की पेखड़ी पंचायत के गांव नांही में महिला की तबीयत खराब हो गई। सड़क सुविधा न होने से महिला को कुर्सी पर बैठाकर परिजनों और ग्रामीणों को तीन किमी पैदल चलना पड़ा। इसके बाद वाहन से बंजार अस्पताल पहुंचाया गया। 29 वर्षीय सुजाता मेहता पत्नी रूपेंद्र कुमार को सुबह पेट में दर्द हुआ और वह बेहोश हो गई। गांव और आसपास के इलाकों में किसी तरह की स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। 

विज्ञापन


ऐसे में महिला को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से कुर्सी से उठाकर तीन किलोमीटर तक पैदल लाया गया। ग्रामीण लोभू राम, दुर्गा दास, दिले राम, गोपाल चंद, इंद्र सिंह शलाठ, घनश्याम, संजय कुमार और रमेश का कहना है कि सड़क के अभाव में बीमार लोगों को इसी तरह कुर्सी या चारपाई पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। गांव में डिस्पेंसरी तक नहीं है। लोगों को सर्दी और जुकाम की दवा लेने के लिए भी पांच किलोमीटर का पैदल सफर कर गुशैणी पहुंचना पड़ता है। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए मीलों दूर जाना पड़ता है। 
विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के विश्व धरोहर बनने से पार्क क्षेत्र से उनके हक छीन लिए गए। पार्क प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के लिए कुछ नहीं किया। स्वास्थ्य सुविधा के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को लोग मजबूर हैं। लोगों ने सरकार से सड़क के साथ गांव स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लोक निर्माण विभाग बंजार के सहायक अभियंता रोशन लाल ठाकुर ने कहा कि नगलाड़ी नाला से नाहीं-घाट-लाकचा तक सड़क प्रस्तावित है। सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य को शुरू किया जाएगा। अभी तक करीब एक किमी सड़क निर्माण कार्य किया गया है। 


पेखड़ी पंचायत के कई गांवों के सड़क के अभाव से लोगों को मीलों तक पैदल चलना पड़ता है। लोगों को खाने-पीने के सामान को भी पीठ पर उठाकर अपने घर पहुंचाना पड़ता है। इस क्षेत्र से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को पांचवीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए पांच किमी दूर गुशैणी जाना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed