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बिना हस्ताक्षर शिकायत पर प्रधानों के खिलाफ नहीं होगी घपलों की जांच

Mon, 10 Sep 2018 11:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 10 Sep 2018 11:45 AM IST
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No Probe against Panchayar Pradhans order by himachal govt

ग्राम पंचायतों में घोटालों की जांच न करने के पंचायती राज विभाग के अनोखे फरमान जारी कर दिए हैं। घोटाले की शिकायत में हस्ताक्षर नहीं होंगे तो पंचायत प्रधानों, उपप्रधानों और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ घपलों की जांच नहीं होगी। यानी गंभीर घोटालों की शिकायत भी अगर कोई बगैर अपना नाम दिए शिकायत करे तब भी विभागीय अधिकारी इसकी कोई जांच नहीं करेंगे।

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यह अनोखे आदेश राज्य पंचायती राज विभाग के निदेशक के हवाले से सभी संबंधित अधिकारियों को जारी किए गए हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि ऐसा प्रदेश पंचायती राज नियमावली को ध्यान में रखकर किया गया है। जिला पंचायत अधिकारी कैसे जांच करेंगे, इसका भी उन्हें प्रारूप जारी किया है।
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यह नए आदेश चार दिन पहले ही पंचायती राज विभाग निदेशक की ओर से जारी हुए हैं। आदेशों की प्रति जिला पंचायत अधिकारियों के अलावा संयुक्त सचिव ग्रामीण विकास, उप नियंत्रक वित्त एवं लेखा, ग्रामीण विकास अभिकरण के समस्त परियोजना अधिकारियों को भी भेजी गई है।

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No Probe against Panchayar Pradhans order by himachal govt
हिमाचल प्रदेश सरकार

इन्हें पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान के सभी प्राचार्यों को भी प्रेेषित किया है। जांच की प्रक्रिया के 21 बिंदु हैं, जिनमें कहा गया है कि आरोपों को भलीभांति पढ़ा जाए। शिकायत पत्र में यह सुनिश्चित करें कि  शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर हैं या नहीं, क्योंकि पंचायती राज सामान्य नियमावली 1997 के नियम 142(2) के अनुसार जब तक शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर नहीं होंगे और स्पष्ट आरोप नहीं दर्शाए होंगे, तब तक कोई जांच अमल में न लाई जाए।

इसके अलावा छानबीन की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए दोनों पक्षों को 15 दिन में नोटिस जारी करें। इस नोटिस में जांच की तिथि, समय और स्थान का ब्योरा हो। जांच के दिन सभी पक्षों की उपस्थिति अनिवार्य है।

निदेशक पंचायती राज ने ये आदेश विजिलेंस मैनुअल के अनुसार जारी किए हैं। जांच इसी मैनुअल को ध्यान में रखते हुए की जा सकती है। - डा. आरएन बत्ता, सचिव, पंचायत राज

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