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स्कूलों में एसएमसी से शिक्षकों की भर्ती करने की राह आसान नहीं

Thu, 28 Jun 2018 01:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 28 Jun 2018 01:14 PM IST
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No policy is drafted for SMC teachers in Himachal Pradesh

प्रदेश सरकार के लिए स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के माध्यम से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती करने की राह आसान नहीं रहने वाली है। धूमल सरकार ने साल 2011 में एसएमसी से शिक्षक भर्ती शुरू की थी। वीरभद्र सरकार ने भी इस प्रथा को जारी रखा। वर्तमान में 2600 से अधिक शिक्षक बीते कई सालों से उनके लिए नीति बनाने की मांग कर रहे हैं।

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लेकिन किसी भी सरकार ने इन शिक्षकों को नियमित नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार को सभी पात्र लोगों को एक समान अवसर देते हुए ही शिक्षकों की भर्ती करने के आदेश दिए हुए हैं। ऐसे में सरकार को भर्ती करने के लिए नीति बनाने को खूब माथापच्ची करनी पड़ेगी। एसएमसी से पंचायत स्तर पर शिक्षक भर्ती करना सरकार के लिए मुमकिन नहीं होगा।
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सरकार को बकायदा भर्ती विज्ञापन निकालकर प्रदेश के सभी क्षेत्रों के लोगों को इस भर्ती में शामिल करना पड़ेगा। उधर, शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया है कि एसएमसी से शिक्षक भर्ती करने के लिए जल्द ही नीति तैयार की जाएगी। कोर्ट में विचाराधीन मामलों सहित अन्य बातों को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार की जाएगी।

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जिलों से नहीं आई ड्राइंग, शारीरिक शिक्षकों की सूची

No policy is drafted for SMC teachers in Himachal Pradesh

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में बुधवार को शिक्षा उपनिदेशकों की मासिक बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में सभी जिलों से मिडल स्कूलों नियुक्त ड्राइंग और शारीरिक शिक्षकों का रिकार्ड मांगा गया था।

सौ विद्यार्थियों से कम संख्या वाले स्कूलों से इन शिक्षकों को हाई स्कूलों में भेजा जाना है लेकिन कई जिलों का अभी तक रिकार्ड ही तैयार नहीं हुआ है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए सभी उपनिदेशकों को जल्द से जल्द रिकार्ड देने को कहा।

उधर, जांच के लंबित मामलों को लेकर बुधवार दोपहर बाद शिक्षा सचिव के पास सचिवालय में बैठक हुई। शिक्षा सचिव डॉ. अरुण शर्मा ने जांच जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। स्कूलों में छात्राओं से होने वाली छेड़छाड़ के मामलों में सख्ती बरतने को कहा।

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