फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   No need to import apples from abroad, Himachal can make the country self sufficient

Apple Production Himachal: मुख्य सचिव बोले- विदेशों से सेब आयात की जरूरत नहीं, देश को आत्मनिर्भर कर सकता है हिमाचल

Tue, 28 Jun 2022 10:06 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 28 Jun 2022 10:06 PM IST
सार

 मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने अमेरिका से विश्व बैंक कार्यालय से वर्चुअल जुड़े अधिकारियों  से कहा कि पांच साल में हिमाचल में सेब बागवानी का उत्पादन लगभग दोगुना बढ़ा है। यहां पांच से छह लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन हो रहा है।

विज्ञापन
No need to import apples from abroad, Himachal can make the country self sufficient
मुख्य सचिव राम सुभग सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आने वाले वक्त में विदेशों से सेब आयात की जरूरत नहीं पड़ेगी। हिमाचल प्रदेश का सेब उत्पादन देश को आत्मनिर्भर भी बना सकता है। यह बात मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने अमेरिका से विश्व बैंक कार्यालय से वर्चुअल जुड़े अधिकारियों को कही। उन्होंने कहा कि पांच साल में हिमाचल में सेब बागवानी का उत्पादन लगभग दोगुना बढ़ा है। यहां पांच से छह लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन हो रहा है। इससे यह संकेत साफ मिल रहे हैं कि भविष्य में हिमाचल में सेब का उत्पादन और भी बढे़गा। अमेरिका से वर्चुअल जुडे़ विश्व बैंक के अधिकारी बैकजॉर्ड और अन्य ने 1134 करोड़ रुपये की विश्व बैंक वित्तपोषित बागवानी परियोजना पर सरकार को पूछा है कि इसे कितना लागू किया गया है और इसमें क्या करना शेष रहता है।

विज्ञापन


मंगलवार को मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने इस संबंध में विश्व बैंक की टीम से ऑनलाइन संवाद किया। उन्होंने इस परियोजना में प्रदेश मेें अब तक किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। राज्य मेें सेब की कैसे बेहतरीन उपज ली जा सकती है। इस पर मंथन हुआ। सेब बागवानी से जुडे़ अन्य तमाम विषयों पर भी चर्चा की गई। विश्व बैंक की टीम को इस बात से भी आश्वस्त किया गया कि भविष्य में इस दिशा में बेहतरीन कार्य होंगे। बागवानी की इस परियोजना के तहत प्रदेश भर में बागवानों के कलस्टर बनाए गए हैं और उन्हें सिंचाई सुविधा देने पर भी काम हो रहा है। यह परियोजना पिछले लंबे वक्त से चल रही है। मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने कहा कि सेब बागवानी की चुनौतियों के बारे में भी इस बैठक में चर्चा की गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed