..तो सड़क की वजह से कुंवारे हैं इस गांव के लड़के
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हिमाचल के कई इलाकों में सरकारी उदासीनता अब ‘रिश्तों’ पर भी भारी पड़ने लगी है। सड़क से महरूम प्रदेश के कई क्षेत्रों में न केवल विकास थमा है बल्कि इन इलाकों के पिछड़ेपन का खामियाजा युवाओं को भी भुगतना पड़ रहा है।
सड़क जैसी मूलभूत सुविधा न होने के कारण इन क्षेत्रों के लड़कों से लोग बेटी की शादी करने को तैयार नहीं हैं। ऐसा ही एक गांव है बिलासपुर जिले की धार-टटोह पंचायत का जुरासी-बेरटी गांव। इस गांव में सड़क न होने के कारण रिश्ते नहीं हो पा रहे हैं।
इस गांव में रिश्ते करने से भी लोग अब आनाकानी करने लगे हैं। जिला मुख्यालय से महज 30 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर बसे 500 आबादी वाले इस गांव में जब कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसे पालकी पर उठाकर 3 से 4 किलोमीटर दूर संपर्क सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
रास्ते में दम तोड़ देते हैं मरीज
कई लोगों ने तो समय पर इलाज न मिलने के कारण रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घर बनाने के लिए लोगों को सारा सामान खच्चरों और सिर पर ढोना पड़ रहा है। ईंट का किराया जितना लुधियाना से लगता है, उतना किराया आगे खच्चरों का देना पड़ रहा है।
2010 में मंजूर हुई थी सड़क
सोलग से रौड़ी-कोल जुरासी सड़क का काम पिछले पांच सालों से रुका है। वर्ष 2010 में यह सड़क मंजूर हुई थी। नाबार्ड के तहत बन रही दो किलोमीटर सड़क तैयार हो गई है। पांच साल से रोड के लिए दो करोड़ 33 लाख रुपए पीडब्ल्यूडी विभाग के पास पड़े हैं। इनमें से महज 32 लाख रुपये ही खर्च हो पाए हैं। सड़क निर्माण में वन भूमि आ रही है। पीडब्ल्यूडी और फॉरेस्ट विभाग के बीच मसला लटका हुआ है।
सरकार की लापरवाही से लटक रहा मामला
पांच साल पहले मंजूर हुई पांच किलोमीटर इस सड़क के निर्माण में देरी के लिए पीडब्ल्यूडी भी जिम्मेदार है। विभाग ने फारेस्ट क्लीयरेंस के लिए 15 दिन पहले ही फाइल वन विभाग को भेजी है। डीएफओ एचके सर्वटा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा क इनक्वायरी में करीब 3 महीने का समय लग जाता है। इसके बाद अप्रूवल के लिए फाइल केंद्र को भेजी जाएगी।
जुरासी-बेरटी गांव में सड़क न होने के कारण यहां के लड़कों-लड़कियों की रिश्ते टूट रहे हैं। लोग इन गांवों में रिश्ता करने से आनाकानी कर रहे हैं। सड़क निर्माण को उन्होंने पंचायत और निजी स्तर पर भी प्रयास किए, लेकिन अभी तक सड़क नहीं बन पाई है।- रूप लाल ठाकुर, उप प्रधान ग्राम पंचायत धार-टटोह
सड़क निर्माण के लिए फारेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिली है। विभाग ने फाइल सबमिट कर दी है। फॉरेस्ट विभाग से मंजूरी मिलते ही सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा - आरके वर्मा, एसई पीडब्ल्यूडी बिलासपुर