सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा, कपड़े उतार कर जताया विरोध
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हिमाचल के जिला सिरमौर के सरकारी स्कूलों की दुर्दशा का मामला अफसरों के पास कई बार उठाने के भी जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो अखिल भारतीय हरिजन लीग के उपाध्यक्ष केदार सिंह जिंदान और एक अन्य नेता ने शिमला में अपने कपड़े उतार कर विरोध जताया।
वीरवार को प्रेस क्लब शिमला में प्रेसवार्ता कर केदार सिंह जिंदान मीडिया के सामने लंगोट पहनकर पहुंच गए। उन्होंने सरकारी स्कूलों की दुर्दशा सहित प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। हिमाचल प्रदेश हरिजन लीग के उपाध्यक्ष केदार सिंह जिंदान ने बताया कि जिला के कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है।
स्थायी शिक्षकों की कमी से स्कूल जूझ रहे हैं। प्रतिनियुक्त पर कुछ दिनों के लिए शिक्षकों को स्कूलों में भेजा जाता है। शिक्षकों की कमी के चलते कई बच्चों से शिक्षा का अधिकार तक छीन गया है। स्कूलों की मरम्मत के लिए आने वाली ग्रांट को स्कूलों पर खर्च नहीं किया जा रहा है।
कहा जब तक मांगें नहीं मानी, ऐसे ही होगा विरोध
स्कूल भवन निर्माण में सीमेंट, रेत का अनुपात सही नहीं है। भवनों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्कूलों में बच्चों से मैदान, आफिस, क्लास रूम में सफाई करवाई जाती है। स्कूलों को समय से पहले ही बंद कर दिया जाता है।
कई स्कूल प्रतिनियुक्ति के शिक्षकों के सहारे ही चल रहे हैं। केदार सिंह जिंदान ने बताया कि उन्होंने इस मामले की प्रधान सचिव शिक्षा, डीजीपी विजिलेंस से की है। शिक्षा विभाग इस मामले को लेकर पूरी तरह से मौन है। जिस कारण सिरमौर में दिनोंदिन शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जब उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन कपड़े उतार कर अपना विरोध जताना पड़ा।