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Shimla News: न कुत्तों की गणना की, नसबंदी पर उठ रहे सवाल, लोग बेहाल

Wed, 07 May 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 07 May 2025 11:59 PM IST
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No dog count was done, questions are being raised on sterilization, people are in distress
कुत्तों-बंदरों का आतंक-7
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पांच साल में नगर निगम कर चुका 2089 कुत्तों की नसबंदी, फिर भी बढ़ रही संख्या और लोगों पर हो रहे हमले
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में लावारिस कुत्तों के बढ़ते हमलों से राहत दिलाने के नगर निगम के दावे सवालों के घेरे में हैं। शहर में हर माह 150 से ज्यादा लोग कुत्तों के हमले से लहूलुहान हो रहे हैं, लेकिन नगर निगम को आज तक यही पता नहीं है कि शहर में कितने लावारिस कुत्ते हैं।

कई बार इनकी गणना करने के दावे हो चुके हैं, लेकिन कभी इन पर काम नहीं हुआ। इसके अलावा अब लावारिस कुत्तों की नसबंदी भी सवालों के घेरे में है। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार पांच साल में अब तक 2089 लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। हर साल 300 से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी हो रही है लेकिन इसके बावजूद शहर में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सब्जी मंडी, मालरोड और रिज मैदान समेत शहर के कोर एरिया में कुत्तों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। यदि इनकी नसबंदी सही होती तो कुत्तों का आंकड़ा घटना था। नगर निगम का दावा है कि नसबंदी का असर आने वाले सालों में दिखने लगेगा। निगम का तर्क है कि साथ लगती पंचायतों से भी हर माह दर्जनों कुत्ते शहर में पहुंच रहे हैं। इससे संख्या बढ़ी है। इसके अलावा नसबंदी से छूटे कुत्तों के कारण भी शहर में इनकी संख्या बढ़ी है। अब दावा है कि अगले एक माह तक हर वार्ड में नसबंदी अभियान चलाया जाएगा।
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फाइलों से बाहर नहीं निकले फीडिंग सेंटर
शहर के मालरोड, रिज, लक्कड़ बाजार समेत कई भीड़भाड़ वाले इलाकों से लावारिस कुत्तों को शिफ्ट करने के लिए फीडिंग सेंटर बनने थे। तीन साल पहले निगम ने मालरोड पर रोटरी के सामने बने पार्क में सेंटर बनाकर इसकी शुरुआत भी की। वार्डों में भी फीडिंग सेंटर बनाने के लिए जगह चिह्नित की गई लेकिन इसके बाद काम ठप हो गया। यह फीडिंग सेंटर खुले में बनने थे जो लोग खुले में कुत्तों को खाने की चीजें देते थे, वह इन सेंटर पर दी जानी थी ताकि कुत्तों के ठिकाने इन सेंटरों के आसपास शिफ्ट हो जाएं लेकिन सेंटर नहीं बने।
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किस साल कितनी नसबंदी
साल कुत्तों की संख्या
2020-21 408
2021-22 284
2022-23 521
2023-24 521
2024-25 355
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