कैसे होता है विकास, गडकरी ने जयराम सरकार को दिखाया आईना
भुंतर मैदान में पुलिस अधिकारियों की भिड़ंत के बाद प्रदेश में गरमाए माहौल के बीच वीरवार को नितिन गडकरी ने मंच से मीठे-मीठे में ही राज्य की मौजूदा व्यवस्था की पोल खोली। संकेत-संकेत मेें सरकार को चुस्त-दुरुस्त होने की नसीहत दे डाली।
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धरातल पर कैसे विकास के काम होते हैं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जयराम सरकार को मनाली में आईना दिखाया। उन्होंने ढुलमुल अफसरशाही की खिंचाई करते हुए कहा कि पत्नी से ज्यादा फाइलों से प्यार कर उसे दबाने वाले उन्हें पसंद नहीं हैं। कहा कि सड़कों के किनारे मकान और दुकानें बन रही हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश कैसे स्विट्जरलैंड बनेगा। किसी को उजाड़कर सड़कें बनाने से पहले पुनर्वास का इंतजाम करने की भी उन्होंने सरकार को नसीहत दी। इसके लिए नए स्मार्ट शहर विकसित करने का सुझाव दिया। कहा कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस, पर्यावरण मंजूरी और राइट ऑफ वे सरकार क्लीयर करे, इस बारे में वह खुद धक्के खाने के लिए तैयार नहीं हैं।
भुंतर मैदान में पुलिस अधिकारियों की भिड़ंत के बाद प्रदेश में गरमाए माहौल के बीच वीरवार को नितिन गडकरी ने मंच से मीठे-मीठे में ही राज्य की मौजूदा व्यवस्था की पोल खोली। संकेत-संकेत मेें सरकार को चुस्त-दुरुस्त होने की नसीहत दे डाली। गडकरी ने जयराम सरकार से दो टूक कहा कि किसी को बरबाद करके रोड बनाने के बजाय उनके पुनर्वास के बारे में सोचा जाना चाहिए। रोजगार के बारे में सोचा जाना चाहिए। शहरी विकास विभाग को भी प्लानिंग करने को कहा। उनसे भूमि अधिग्रहण के बारे में भी बहुत लोग मिले हैं। हालांकि, इन तमाम नसीहतों के बीच गडकरी ने सीएम जयराम ठाकुर की पीठ भी थपथपाई।
गडकरी के बाली का नाम लेने से सियासी हलचल शुरू
हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रिक बस की शुरुआत करने के मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस के पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली का नाम लिया तो इससे हिमाचल में सियासी हलचल पैदा हो गई है। मंच से गडकरी बोले कि उनके पास पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली इलेक्ट्रिक बसोें की बात करने आते थे। मुख्यमंत्री के सामने मंच पर गडकरी ने बाली का जिक्र किया। वीरभद्र से अलग गुट में चल रहे बाली का नाम लेने से कांग्रेस नेताओं के कान भी खड़े हो गए हैं।
हिमाचल में जब बाली इलेक्ट्रिक बसें लाए तो उसका विरोध भी हुआ। बावजूद बाली ने अपना विजन नहीं बदला है। इसके बाद शहर में लोगों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक वैन पहुंचाई। पिछले दिनों बाली होर्डिगिं विवाद पर चर्चा में रह चुके हैं। उन्होंने प्रदेश भर में कांग्रेस के पोस्टर लगाए, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का फोटो नहीं था तो वह वीरभद्र सिंह के समर्थकों के निशाने पर रहे।
जयराम पहले ही बदल चुके हैं परिवहन मंत्री
जयराम सरकार मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड लेने के बाद परिवहन मंत्री को बदल चुके है। पहले यह महकमा गोबिंद सिंह ठाकुर के पास था, अब इसे बिक्रम सिंह को दिया है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने प्रदेश के तमाम मंत्रियों समेत मौजूदा परिवहन मंत्री से भी रिपोर्ट कार्ड लिया है।